(रईस खान)
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मालेगांव नगर निगम में ऐतिहासिक चुनाव संपन्न हुआ है, जहां पहली बार दो महिलाओं को मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर चुना गया है। इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र (ISLAM) पार्टी की शेख नसरीन खालिद को मेयर पद पर निर्वाचित किया गया, जबकि समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने डिप्टी मेयर का पद हासिल किया। यह चुनाव 7 फरवरी 2026 को हुआ, जिसमें दोनों उम्मीदवारों को 43-43 वोट मिले। मालेगांव नगर निगम में कुल 84 पार्षद हैं, और 15 जनवरी 2026 को हुए चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।
ISLAM पार्टी ने सबसे अधिक 35 सीटें जीतीं, उसके बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने 21, शिवसेना ने 18, सपा ने 5, कांग्रेस ने 3 और बीजेपी ने 2 सीटें हासिल कीं। मेयर चुनाव में ISLAM पार्टी को सपा और कांग्रेस का समर्थन मिला, जिससे सेकुलर फ्रंट की ताकत मजबूत हुई। शेख नसरीन खालिद ने शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार लता घोडके को 25 वोटों के अंतर से हराया। मजलिस और बीजेपी ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
शेख नसरीन खालिद, जो पूर्व कांग्रेस विधायक और ISLAM पार्टी के संस्थापक आसिफ शेख की भाभी हैं, ने अपनी जीत को महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम बताया। वहीं, शान-ए-हिंद निहाल अहमद की जीत सपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर जब उनकी पार्टी के पास केवल 5 सीटें हैं। सोशल मीडिया पर इस जीत की चर्चा जोरों पर है, जहां कुछ लोगों ने इसे ओवैसी की मजलिस के लिए झटका बताया है। एक वीडियो में नसरीन शेख को मजलिस के चुनाव चिन्ह ‘पतंग’ की डोर काटते हुए जश्न मनाते देखा गया, जो प्रतीकात्मक रूप से प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है।
यह चुनाव मालेगांव की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत देता है, जहां सेकुलर गठबंधन ने सांप्रदायिक ताकतों को पीछे छोड़ दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह महिलाओं के नेतृत्व में शहर के विकास की नई शुरुआत हो सकती है।

