नेपाल के नुवाकोट जिले में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। घर बह गए, सामान सब कुछ पानी में समा गया और लोग सड़क पर आ गए। ऐसे मुश्किल वक्त में इस्लामी संघ नेपाल ने आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया।
इस्लामी संघ नेपाल के प्रेसिडेंट डॉ. शमीम अहमद रियाजी की लीडरशिप में मुस्लिम लीडर्स और वॉलंटियर्स की एक टीम नुवाकोट के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत का सामान बांटा। खाना, कपड़े और जरूरी चीजें लोगों तक पहुंचाई गईं।
यह सिर्फ सामान बांटना नहीं था। यह इंसानियत का काम था। जब पूरा इलाका परेशानी में था, तब इस्लामी संघ नेपाल ने साबित किया कि मुसीबत में धर्म, जाति या समुदाय नहीं देखते। सब नेपाली नागरिक हैं और उनकी मदद करना हर किसी की जिम्मेदारी है।
नेपाल में जब भी बाढ़, भूकंप या कोई प्राकृतिक आपदा आती है, इस्लामी संघ नेपाल पीड़ितों के साथ खड़ा रहता है। इस बार भी उन्होंने वही काम किया। डॉ. शमीम अहमद रियाजी और उनकी टीम ने दिखाया कि असली इबादत लोगों की सेवा में है।
बाढ़ से प्रभावित लोग कह रहे थे कि ऐसे वक्त में किसी का भी साथ बहुत कीमती लगता है। राहत सामग्री मिलने से उन्हें थोड़ी राहत मिली। कई परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटी।
इस्लामी संघ नेपाल का यह काम तारीफ के काबिल है। यह दिखाता है कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। मुसीबत में सब एक हैं। नेपाल के मुस्लिम समुदाय ने फिर एक बार साबित किया कि वे देश और देशवासियों के साथ हमेशा खड़े रहते हैं।
इंसानियत की सेवा सबसे बड़ी सेवा है।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

