( फजलुर्रहमान)
गंजमुरादाबाद, उन्नाव।नगर में स्थित मशहूर और ऐतिहासिक दरगाह हज़रत शाह फ़ज़ले रहमाँ गंजमुरादाबादी (रह० अलै०) का 135वाँ सालाना उर्स पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। रूहानी सुकून और आपसी भाईचारे के इस अजीम जश्न में शिरकत करने के लिए देश के कोने-कोने से मुरीद और अकीदतमंद यहां पर आकर अपनी हाजरी देते हैं।
दरगाह के पीरजादा मुनीउर्रहमान उर्फ मुन्ना मियां साहब ने जानकारी देते हुए बताया कि दरगाह के साहिबे सज्जादा हजरत मारूफुर्रहमान उर्फ मारुफ मियां साहब की सरपरस्ती और देखरेख में उर्स के सभी कार्यक्रम संपन्न होंगे। 4 सितंबर की रात को एक भव्य नातिया मुशायरे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के जाने-माने और नामचीन शायर शिरकत कर अपनी सुरीली आवाज़ में नात-ए-पाक और कलाम पेश करेंगे। इसके साथ ही देश के प्रख्यात आलिमों (धर्मगुरुओं) द्वारा बेहतरीन और ज्ञानवर्धक तकरीरें प्रस्तुत की जाएंगी, जो श्रोताओं को दीन और मानवता का संदेश देंगी। उर्स के सिलसिले का सबसे अहम और रूहानी पल 5 सितंबर को होगा, जब रस्म-ए-‘कुल शरीफ’ अदा की जाएगी। इस दौरान देश में अमन, चैन और भाईचारे की खास दुआ मांगी जाएगी। दरगाह परिसर में इस मौके पर जुटने वाली भीड़ को देखते हुए उर्स कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं ताकि जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उर्स के मुबारक मौके पर दरगाह परिसर के आसपास एक विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है। इस मेले में सजी विभिन्न प्रकार की दुकानें और खाने-पीने के स्टॉल स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आए मेहमानों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहते हैं। क्षेत्र के लोग हर साल इस मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
यह उर्स महज़ एक सालाना जलसा नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की उस अजीम मिसाल को ज़िंदा रखता है जिसके लिए गंजमुरादाबाद की यह पावन धरती पूरे देश में जानी जाती है।

