मुंबई: फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स ने नेपाल में आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन से हुई भारी जान-माल की तबाही पर गहरा दुख और अफसोस जताया है। संस्था ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत, बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और हजारों लोगों के बेघर होने की खबर बेहद दुखद है।
फेडरेशन ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी दुनिया को नेपाल की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति दिली संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की है।
संस्था ने भारत सरकार द्वारा नेपाल की मदद के लिए सबसे पहले आगे आने पर संतोष जताया। फेडरेशन ने कहा कि खबरों के मुताबिक भारत से नेपाल के लिए राहत सामग्री लगातार भेजी जा रही है। संस्था ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मुश्किल समय में उसकी मदद के लिए आगे आना एक अच्छा और इंसानी कदम है।
फेडरेशन ने महाराष्ट्र से नेपाल गए पर्यटकों और जायरीन समेत सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और उनकी जल्द भारत वापसी के लिए राज्य और केंद्र सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की है।
फेडरेशन के जिम्मेदारों ने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि नेपाल के प्रभावित इलाकों में तुरंत मेडिकल मदद, खाना, रहने के लिए सुरक्षित जगह और राहत व बचाव कार्यों के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए।
संस्था ने सभी समाजसेवी संगठनों, एनजीओ और आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आएं। फेडरेशन ने इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी एकजुटता जताते हुए राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया है।
पर्यावरण की अनदेखी भी चिंता का विषय
फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स ने कहा कि आज दुनिया में लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं के कारणों पर भी गंभीरता से सोचने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण में बदलाव और मौसम के बिगड़ते संतुलन के पीछे इंसानी गतिविधियां भी एक बड़ी वजह हैं।
संस्था ने कहा कि इंसान अपनी सुविधाओं और विकास के नाम पर जंगलों और पहाड़ों को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। इसका असर पर्यावरण और मौसम के संतुलन पर पड़ रहा है, जिसके कारण दुनिया के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ती जा रही हैं।
फेडरेशन ने सरकारों से अपील की कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए गंभीर और मजबूत नीतियां बनाई जाएं, ताकि आने वाली नस्लों के लिए दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके।
यह बयान फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स की संयुक्त प्रेस रिलीज़ के जरिए जारी किया गया।
प्रेस रिलीज़ जारी करने वालों में मौलाना उमरैन महफूज़ रहमानी, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव महमूद अहमद दरियाबादी, उलेमा काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी, मौलाना हाफिज इलियास खान फलाही अमीर हलका जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, मौलाना हाफिज सैयद अतहर, उलेमा एसोसिएशन मुंबई-महाराष्ट्र के अध्यक्ष, मौलाना हलीमुल्लाह कासमी अध्यक्ष जमीयत उलेमा-ए-हिंद महाराष्ट्र, फरीद शेख अध्यक्ष अमन कमेटी मुंबई, अब्दुल हफीज पत्रकार जालना, मौलाना ज़हीर अब्बास रिजवी उपाध्यक्ष शिया पर्सनल लॉ बोर्ड, डॉ. सईद अहमद फैजी नाज़िम उमूमी जमीयत अहले हदीस महाराष्ट्र, हाफिज इकबाल चूना वाला रुक्न-ए-शूरा दारुल उलूम देवबंद वक्फ, मौलाना मुफ्ती हुजैफा कासमी, मुफ्ती अशफाक अकोला, मौलाना आगा रूह जफर, मौलाना अनीस अशरफी, मौलाना निजामुद्दीन फखरुद्दीन, हुमायूं शेख, मौलाना आसिफ नदवी नांदेड़ और शेख अब्दुल मजीब सहित अन्य जिम्मेदार शामिल हैं।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

