नई दिल्ली, 31 अगस्त:सुप्रीम कोर्ट ने आज कॉकरोच जनता पार्टी के 5 सितंबर के प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा , “हम उम्मीद करते हैं कि सब शांति और कानून के मुताबिक व्यवहार करेंगे। अभी ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है जिससे हम मान लें कि कुछ गलत हो जाएगा।”
कोर्ट ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और सरकार का काम है। अभी से यह नहीं माना जा सकता कि मार्च में कोई गड़बड़ी होगी।
याचिका किसकी थी?
रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अफसर राजेंद्र सिंह ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च की अनुमति नहीं ली गई है और 12-13 सितंबर को ब्रिक्स समिट होने वाली है, इसलिए सुरक्षा का खतरा हो सकता है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई पावर्ड इंक्वायरी कमिटी के पास जाने को कहा और केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। 5 सितंबर से पहले कोई सुनवाई नहीं की गई।
सीजेपी का प्लान क्या है?
सीजेपी 5 सितंबर, टीचर्स डे को इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने वाली है। इस मार्च की अगुवाई नीट पीड़ित परिवार करेंगे। पार्टी का आरोप है कि 25 जुलाई को सरकार ने जो वादे किए थे, एफआईआर वापस लेना और लिखित आश्वासन, वे पूरे नहीं हुए।
कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की उम्मीद जताई है।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

