इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में अबनाए नदवा का कार्यक्रम, देशभर से जुटे नदवतुल उलमा के फुज़ला
लखनऊ। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ में दारुल उलूम नदवतुल उलमा के अबनाए नदवा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नदवतुल उलमा से जुड़े देश के विभिन्न हिस्सों से आए फुज़ला ने शिरकत की और अपने पुराने साथियों तथा नदवा से जुड़ी यादों को ताजा किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दारुल उलूम नदवतुल उलमा के रजिस्ट्रार हज़रत मौलाना अम्मार हसनी ने की। वहीं इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन और शाही इमाम लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बतौर मेहमान-ए-खुसूसी शिरकत की। कार्यक्रम को मुफ्ती अतीक बस्तवी की सरपरस्ती भी हासिल रही।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पूर्व मंत्री एवं समाजवादी पार्टी माइनॉरिटी सेल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शकील खान नदवी का सम्मान रहा। उन्हें नदवतुल उलमा और फरंगी महल की इल्मी व तहज़ीबी विरासत से जुड़े मौलाना अब्दुल मजीद फरंगी महली अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनकी सामाजिक और सार्वजनिक सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस मौके पर मौलाना फरमान साहब ने दारुल उलूम नदवतुल उलमा की स्थापना, उसके इल्मी सफर तथा समाज और तहज़ीब के क्षेत्र में उसकी सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नदवतुल उलमा ने लंबे समय से दीनी शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक दौर की जरूरतों को समझते हुए इल्म और तहज़ीब के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
कार्यक्रम में लुकमान सिद्दीकी नदवी, मौलाना मुस्तफा नदवी, मौलाना कौसर नदवी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए नदवतुल उलमा के कई फुज़ला मौजूद रहे। इस दौरान पुराने साथियों ने नदवा में गुजारे अपने समय और उससे जुड़ी यादों को साझा किया।
कार्यक्रम के आयोजन और इसे सफल बनाने में मसीहुद्दीन खान नदवी की भूमिका को भी सराहा गया। आयोजकों और प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को आपसी मुलाकात, इल्मी रिश्तों की ताजगी और नदवतुल उलमा की विरासत से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
नदवतुल उलमा से जुड़ी ऐसी महफिलें पूर्व छात्रों और संस्था के बीच रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी तक इसके इल्मी और तहज़ीबी सफर को पहुंचाने का माध्यम भी बनती हैं।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

