मुंबई(शिब्ली रामपुरी)उर्दू पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल है और नई पीढ़ी के युवाओं को उर्दू पत्रकारिता से जुड़कर इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है। यह बात मुंबई के मशहूर उर्दू पत्रकार सरफराज आरजू ने शिबली रामपुरी से बातचीत के दौरान कही।
उर्दू पत्रकारिता और प्रिंट मीडिया के मौजूदा दौर पर चर्चा करते हुए सरफराज आरजू ने कहा कि आज मीडिया के क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का असर प्रिंट मीडिया पर भी पड़ा है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि प्रिंट मीडिया का दायरा पूरी तरह सिमट चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया की अपनी एक विश्वसनीयता और अहमियत है। आज भी बड़ी संख्या में लोग अखबार और पत्र-पत्रिकाएं पढ़ते हैं। हालांकि सोशल मीडिया ने समाचारों के प्रसार की गति को काफी तेज कर दिया है और पाठकों के समाचार देखने-समझने के तरीके में बदलाव आया है।
सवाल : सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से प्रिंट मीडिया पर कितना असर पड़ा है?
सरफराज आरजू : सोशल मीडिया के कारण प्रिंट मीडिया पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ा है। पहले किसी खबर के लिए लोगों को अगले दिन के अखबार का इंतजार करना पड़ता था, जबकि अब मोबाइल फोन पर खबर तुरंत उपलब्ध हो जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि प्रिंट मीडिया का दायरा बिल्कुल ही सिमट चुका है। प्रिंट मीडिया की अपनी जगह और अपनी अहमियत आज भी कायम है।
सवाल : ऐसे दौर में उर्दू पत्रकारिता का भविष्य आप किस तरह देखते हैं?
सरफराज आरजू : मैं उर्दू पत्रकारिता के भविष्य को लेकर सकारात्मक हूं। उर्दू पत्रकारिता के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन संभावनाएं भी काफी हैं। जरूरत इस बात की है कि हम बदलते समय के साथ पत्रकारिता के नए माध्यमों को अपनाएं और उर्दू पत्रकारिता को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी मजबूती से जोड़ें।
सवाल : युवाओं को उर्दू पत्रकारिता से जुड़ने की जरूरत क्यों है?
सरफराज आरजू : युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नई पीढ़ी अगर उर्दू भाषा के साथ पत्रकारिता की आधुनिक तकनीक सीखे तो वह इस क्षेत्र में काफी बेहतर काम कर सकती है। आज पत्रकारिता केवल अखबार तक सीमित नहीं है। वेबसाइट, सोशल मीडिया, वीडियो और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी पत्रकारिता का हिस्सा बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पत्रकारों को उर्दू के साथ हिंदी और अंग्रेजी पर भी पकड़ मजबूत करनी चाहिए। इसके अलावा डिजिटल मीडिया की तकनीक, रिपोर्टिंग और खबरों की प्रस्तुति को समझना भी जरूरी है।
सरफराज आरजू ने कहा कि पत्रकारिता में सबसे महत्वपूर्ण चीज विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और तथ्यपरकता है। माध्यम चाहे प्रिंट हो या डिजिटल, पत्रकार का काम समाज तक सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।
वरिष्ठ पत्रकार शिबली रामपुरी से हुई इस बातचीत में उर्दू पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति, प्रिंट मीडिया पर सोशल मीडिया के प्रभाव और नई पीढ़ी के सामने मौजूद अवसरों सहित पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के दौरान सरफराज आरजू ने युवाओं से अपील की कि वे उर्दू पत्रकारिता से जुड़ें और आधुनिक तकनीक के साथ इसे नई दिशा देने में अपनी भूमिका निभाएं।

