मौलाना इलियास खान फलाही ने किया मौलाना ज़ैद अय्यूबी के इंतक़ाल पर ग़म का इज़हार

Date:

1947 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में जन्मे मौलाना ज़ैद अय्यूबी का 77 वर्ष की आयु में 26 फरवरी, 2025 को निधन हो गया। उन्होंने मालेगांव के महाद अल-मिल्लत में अपनी शिक्षा पूरी की और बाद में जामिया अल-हुदा (मालेगांव) और मदरसा दार-उल-इस्लाम (जालना) में शिक्षक के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महाराष्ट्र के जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रशिक्षण विभाग में सहायक सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कुरान और हदीस के अपने गहन ज्ञान के लिए जाने जाने वाले मौलाना अय्यूबी के उपदेश और भाषण इस्लामी शिक्षाओं के संदर्भों से समृद्ध थे। उनके सौम्य लहजे और दिल से की गई प्रस्तुति ने श्रोताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ा। वे मुस्लिम समुदाय के संघर्षों से बहुत प्रभावित थे और उनके पुनरुत्थान और उत्थान के लिए सक्रिय रूप से काम करते थे। जमात-ए-इस्लामी हिंद के सदस्य होने के बावजूद, उन्होंने नेक उद्देश्यों का समर्थन करने के लिए संगठनात्मक और सांप्रदायिक सीमाओं को पार कर लिया।

विनम्रता और सादगी का जीवन जीने वाले मौलाना अय्यूबी ने कभी भी भौतिक सुख-सुविधाओं, शक्ति या मान्यता की चाह नहीं की। उनकी ईमानदारी और विनम्रता ने उन्हें उनसे मिलने वाले सभी लोगों के बीच एक प्रिय व्यक्ति बना दिया। उनकी विरासत धर्म और समुदाय के प्रति निस्वार्थ सेवा की याद दिलाती है।

मुंबई में मौलाना ज़ैद अयूबी का निधन पूरे इस्लामी जगत के लिए एक नुकसान है। वह एक महान धार्मिक विद्वान, एक उत्कृष्ट शिक्षक और एक अनुकरणीय व्यक्तित्व थे। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने कई लोगों के जीवन को रोशन किया है। उनका निधन हम सभी के लिए दुख का विषय है। ये विचार मौलाना इलियास खान फलाही, अमीर हलका जमात-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र ने मौलाना जैद अयूबी के निधन पर एक प्रेस बयान में व्यक्त किए।

मौलाना जैद अय्यूबी का जन्म 1947 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में हुआ था और 26 फरवरी 2025 को लगभग 77 वर्ष की आयु में वे अपने रब से जा मिले।

मौलाना जैद अयूबी ने अपनी शिक्षा मुहद्दिस-ए-मिल्लत मालेगांव से पूरी की। उन्होंने जमीयतुल हुदा (मालेगांव) और मदरसा दारुल इस्लाम (जालना) में पढ़ाया। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी हिंद के महाराष्ट्र निर्वाचन क्षेत्र के प्रशिक्षण विभाग के सहायक सचिव के रूप में भी कार्य किया। कुरान और हदीस पर उनकी गहरी नजर थी। वह अपने भाषणों और संबोधनों में कुरान और हदीस से तर्क देते थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_img

पॉपुलर

और देखे
और देखे

मजलिस नेता इम्तियाज़ जलील ने ‘हरा रंग’ को लेकर बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया 

मुंब्रा में आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के महाराष्ट्र...

ओवैसी की सियासत और गठबंधन प्रयासों की हकीकत

(रईस खान) असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)...

असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप: राजनीतिक आलोचना या मुस्लिम लीडरशिप को चुनौती 

 (रईस खान) हाल ही में मुस्लिम पत्रकारों की एक बैठक...