(रईस खान )
बिहार सरकार निजी मकानों के निर्माण में फ्लाई ऐश ईंटों को अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है। पर्यावरण मंत्री प्रमोद कुमार ने बिहार ऐश ब्रिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आम सभा में अधिसूचना जल्द जारी करने का ऐलान किया।
सरकारी निर्माण में पहले से अनिवार्य
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकारी परियोजनाओं में लाल ईंटों पर रोक लगाते हुए थर्मल पावर प्लांट के 300 किमी दायरे में फ्लाई ऐश ईंटों का 100% उपयोग अनिवार्य कर दिया। केंद्र सरकार के 2021 निर्देशों का हवाला देते हुए कोर्ट ने लाल ईंटों के उपयोग पर सख्ती बरतने को कहा। अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को होगी।
फ्लाई ऐश ईंटों के फायदे
ये ईंटें कोयले की राख, बालू, सीमेंट से बनती हैं, जो पर्यावरण अनुकूल हैं और मिट्टी की खुदाई बचाती हैं। इनकी संपीड़न शक्ति 90-100 किग्रा/सेमी², जल अवशोषण 6-12% कम, वजन 30% हल्का, तथा अग्निरोधी गुण होते हैं। गर्मी में बेहतर इंसुलेशन प्रदान करती हैं।
निर्माण क्षेत्र में प्रभाव
उत्तर प्रदेश (कानपुर, उन्नाव) और बिहार (पटना) में निर्माता उपलब्ध, लेकिन कच्चे माल की कीमत बढ़ने से दरें ऊपर। राज्यस्तरीय समिति गठित होगी जो उपयोगकर्ता विभागों, NTPC को जोड़ेगी।

