(रईस खान)
आज शाम को भारत में रमजान-उल-मुबारक का चाँद दिख गया है। देश के कई हिस्सों में मुसलमान भाई-बहनों ने चाँद का दीदार किया। सबसे पहले बिहार और असम से चाँद दिखने की खबर आई। इमारत-ए-शरिया और दूसरी हिलाल कमेटियों ने इसकी तस्दीक की। अब कल गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को पहला रोज़ा रखा जाएगा। सऊदी अरब में तो कल ही से रमजान शुरू हो गया था, वहाँ 18 फरवरी को पहला रोज़ा रखा गया।
मुस्लिम इलाकों में रौनक और चहल-पहल बढ़ गई है। मस्जिदों में रोशनी और गहमागहमी बढ़ गई है, लोग इबादत की तैयारी में जुटे हैं। शहरों और गांवों में मुसलमान भाई मस्जिदों को सजा रहे हैं। चाँद दिखने के बाद पाक महीना शुरू होने का इंतज़ार था। दिल्ली के जामा मस्जिद, मुंबई के हाजी अली, लखनऊ के बाजारों में लोग इफ्तार की चीज़ें खरीद रहे हैं। सेवईं, खजूर, फल और मीठी चीज़ों की दुकानें सजी हुई हैं। शाम को तरावीह की नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिदें तैयार हैं। बच्चे-बूढ़े सब खुश हैं, रमजान की बरकत से रूहानी माहौल बन गया है।
उलेमा कहते हैं कि चाँद देखकर दुआ पढ़ें: “अल्लाहु अकबर, अल्लाहुम्मा अहिल्लहु अलैना बिल अम्नि वल ईमान…”। रमजान में रोज़ा रखना, कुरान पढ़ना, सदका देना और नेक काम करना चाहिए। यह महीना रहमत, मगफिरत और जहन्नम से आजादी का है। पूरे देश में मुसलमान इस पाक महीने का स्वागत कर रहे हैं।

