प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह 594 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक जाता है और करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना है। पहले इस रूट पर 10-12 घंटे लगते थे अब सिर्फ 6-7 घंटे में सफर तय हो जाएगा। यह यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है जो 12 जिलों को जोड़ता है और गंगा नदी के आसपास बनने की वजह से इसका नाम गंगा एक्सप्रेसवे रखा गया।
मल्लावां को उद्घाटन स्थल चुनने की कई वजहें हैं। सबसे पहले यह जगह एक्सप्रेसवे के लगभग बीच में पड़ती है इसलिए पूरा प्रोजेक्ट का प्रतीकात्मक संदेश बेहतर तरीके से जाता है। दूसरी बड़ी वजह राजनीतिक रणनीति है। साल 2021 में पीएम मोदी ने शाहजहांपुर से इसका शिलान्यास किया था और अब 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उद्घाटन करके सरकार विकास के कामों को जनता के सामने लाना चाहती है। हरदोई-मल्लावां जैसे मध्य यूपी के इलाके में भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है साथ ही पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़कर क्षेत्रीय संतुलन का मैसेज देना चाहती है। कार्यक्रम में पीएम ने सपा पर निशाना साधा और विकास बनाम पुराने जंगल राज का मुद्दा उठाया जो साफ दिखाता है कि यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्यक्रम नहीं बल्कि राजनीतिक मंच भी था।
मल्लावां में एक्सप्रेसवे के उतार-चढ़ाव यानी सड़क के ऊंचे-नीचे होने की मुख्य वजह इलाके का भूगोल और इंजीनियरिंग जरूरत है। यह हिस्सा गंगा नदी के प्रभाव वाले इलाके में आता है जहां बाढ़ का खतरा रहता है इसलिए सड़क को कई जगहों पर ऊंचा उठाकर एम्बैंकमेंट बनाना पड़ा ताकि पानी न चढ़ सके। इसके अलावा छोटी-छोटी नदियां नाले तालाब और ऊंची-नीची जमीन होने से सड़क को सीधा और हाई स्पीड रखने के लिए ब्रिज फ्लाईओवर और ऊंचे हिस्से बनाए गए। निर्माण के दौरान भारी बारिश बाढ़ और हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहण जैसी चुनौतियां आईं लेकिन किसानों के सहयोग और आधुनिक तकनीक से काम पांच साल में पूरा कर लिया गया। मल्लावां के पास बंदीपुर गांव के आसपास भव्य मंच बनाकर उद्घाटन किया गया ताकि लोकल लोगों में भी गर्व और जुड़ाव का भाव आए।
इस एक्सप्रेसवे से समय और पैसे की काफी बचत होगी लॉजिस्टिक्स सस्ता पड़ेगा माल ढुलाई तेज होगी और 12 इंडस्ट्रियल नोड्स बनने से निवेश और रोजगार के नए मौके खुलेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ सड़क नहीं बल्कि मां गंगा की तरह यूपी की नई लाइफलाइन है जो विकास और विरासत दोनों को साथ ले जा रही है। आगे इसे हरिद्वार तक बढ़ाने की भी योजना है।
कुल मिलाकर मल्लावां से उद्घाटन विकास की रफ्तार दिखाने के साथ-साथ आने वाले चुनावों के लिए जनता का विश्वास जीतने की रणनीति का हिस्सा लगता है। अब देखना यह है कि यह एक्सप्रेसवे कितना ट्रैफिक खींचता है और कितना आर्थिक बदलाव लाता है।
– क़ौमी फरमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

