देश की सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईटी में दाखिले का सपना लेकर आगे बढ़ने वाले हाफिज सैयद सादिक ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेंस (JEE Main 2026) शानदार प्रदर्शन किया. हाफिज सैयद जैद सादिक ने न सिर्फ सबसे मुश्किल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि बहुत ही कम उम्र में पूरा कुरान याद कर एक मिसाल कायम कर दिया. जैद ने JEE Main 2026, सेशन 2 में 99.927 फीसदी अंक हासिल किए और नासिक शहर में सबसे ज्यादा नंबर हासिल करने वाले छात्र बने.
जैद का पढ़ाई में प्रदर्शन पहले से ही शानदार रहा है. उन्होंने क्लास 10वीं की परीक्षा में 95 फीसदी नंबर हासिल किए थे. इसके बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और JEE Main के दोनों सेशन में 99 फीसदी से ज्यादा नंबर हासिल किये.
उनकी कामयाबी में परिवार का बड़ा योगदान बताया जा रहा है. जैद के पिता सैयद सादिक और मां सैयद जौकिया ने हर कदम पर उनका साथ दिया और पढ़ाई व मजहबी तालीम के बीच संतुलन बनाने में मदद की. परिवार के मुताबतिक, जैद ने कई महीनों तक पूरी लगन से तैयारी की थी. जैद का ताल्लुक शिक्षित परिवार से हैं. उनके दादा सैयद सत्तार अली नगर निगम के स्कूल में प्रिंसिपल रह चुके हैं, और तालीम के क्षेत्र में अपने अहम योगदान के लिए जाने जाते थे.
जैद की इस बड़ी कामयाबी पर उनके टीचर भी जमकर तारीफ कर रहे हैं. जैद के कॉलेज के एक टीचर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि जैद ने साबित कर दिया है कि सही टाइम मैनेजमेंट और डेली रूटीन के साथ छात्र पढ़ाई और मजहबी तालीम दोनों में कामयाब हो सकते हैं. उनका ध्यान और अनुशासन बहुत मजबूत था.हाफिज सैयद जैद सादिक वर्तमान में अशोका कॉलेज के छात्र हैं. उनकी यह कामयाबी लंबे समय तक लगातार मेहनत और सख्त अनुशासन का नतीजा मानी जा रही है. खास बात यह है कि जैद ने पढ़ाई के साथ-साथ मजहबी तालीम को भी बराबर अहमियत दी. उन्होंने महज 15 साल की उम्र में पूरा कुरआन याद कर लिया, और हाफिज़ बन गए. इस्लाम में “हाफिज़” उन्हें कहा जाता है, जिन्हें पूरा कुरान कंठस्थ होता है.

