बांगरमऊ, उन्नाव। नगर के जाने-माने समाजसेवी फजलुर्रहमान ने बढ़ते जल संकट और भूगर्भ जल स्तर में लगातार आ रही गिरावट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने “जल ही जीवन है” विषय पर बोलते हुए क्षेत्रीय नागरिकों, विशेषकर युवाओं से पानी की एक-एक बूंद बचाने और पानी की बर्बादी को रोकने की पुरजोर अपील की है।
समाजसेवी फजलुर्रहमान ने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना भी असंभव है। उन्होंने कहा, “आज हम जिस तरह से पानी को अंधाधुंध बर्बाद कर रहे हैं, यदि यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ेगा। प्रकृति ने हमें जो अमूल्य उपहार दिया है, उसका सम्मान करना और उसे सहेजना हम सभी का परम कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि ब्रश करते समय, कपड़े या बर्तन धोते समय या नहाते समय नल को खुला न छोड़ें। बाल्टी और मग का प्रयोग करें। लीकेज को तुरंत ठीक कराएं, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लीक हो रहे नलों और पाइपलाइनों की तुरंत मरम्मत कराएं, क्योंकि इनसे रोजाना सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद होता है।
बरसात के पानी को सहेजने के लिए छतों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की आदत डालें। गाड़ियों को धोने के लिए पाइप की जगह बाल्टी के पानी और गीले कपड़े का इस्तेमाल करें।फजलुर्रहमान ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में “जल बचाओ अभियान” चलाएं और लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को खुद एक ‘जल योद्धा’ बनना होगा, तभी हम इस अनमोल धरोहर को सुरक्षित रख पाएंगे।
इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने समाजसेवी फजलुर्रहमान की इस पहल की सराहना की और संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पानी की बर्बादी रोकेंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।

