बारिश ने मचाई भारी तबाही
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। रात भर की मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने पूरा इलाका पानी-पानी कर दिया। धरहल नदी उफान पर आ गई और उसका तेज़ पानी न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में घुस गया।
बस स्टैंड पर बाढ़ का कहर
न्यू बस स्टैंड पूरी तरह पानी में डूब गया। वहाँ खड़ी सैकड़ों गाड़ियाँ , कारें, बसें और दोपहिया वाहन, पानी के तेज़ बहाव में बह गईं। लोगों का अनुमान है कि 200 से 300 वाहन बह गए या बुरी तरह खराब हो गए। कई गाड़ियाँ नदी के बीच में पड़ी हुई दिख रही हैं। आस-पास की दुकानें, झुग्गी-झोपड़ियाँ और घर भी प्रभावित हुए हैं।
जान-माल का नुकसान
इस बाढ़ में अब तक 11 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राजौरी और पूंछ जिलों में कई लोग लापता हैं। कुछ युवकों के शव बरामद हो चुके हैं। एक महिला अभी भी लापता बताई जा रही है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से कई जगह सड़कें बंद हो गईं और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।
सेना और प्रशासन की तेज़ी
भारतीय सेना ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। व्हाइट नाइट कोर की टीमों ने एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर 11 लोगों ,जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं, को मौत के मुंह से बचाया। बोट और अन्य साधनों से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली से वापस लौट रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी करेंगे। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने सभी अधिकारियों को तत्काल मदद पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है।
मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने 22 जुलाई तक राजौरी समेत आस-पास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
लोगों पर पड़ा असर
यह बाढ़ सिर्फ़ गाड़ियों और इमारतों तक सीमित नहीं रही। सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। उनकी रोजी-रोटी और साधन सब पानी में बह गए। अमरनाथ यात्रा भी इस मौसम की वजह से प्रभावित हुई है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश कितनी खतरनाक हो सकती है। बेहतर प्लानिंग, नदी प्रबंधन और जागरूकता से ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है।
अभी की स्थिति
बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है। घायलों का इलाज अस्पतालों में हो रहा है। राहत सामग्री भी पहुँचाई जा रही है।
प्रार्थना है कि सभी प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता मिले और आगे कोई नुकसान न हो। राजौरी के लोग इस मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

