(फजलुर्रहमान)
बांगरमऊ, उन्नाव। केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत किए जाने के फैसले का असर अब स्थानीय बाजारों में साफ दिखने लगा है। बांगरमऊ नगर सहित ग्रामीण अंचलों के सराफा बाजारों में कीमती धातुओं के दामों में भारी उछाल आया है, जिससे आम खरीदार और व्यापारी दोनों ही पशोपेश में हैं।
लगन और सहालग का सीजन नजदीक होने के कारण जिन परिवारों में शादियां हैं, उनके लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बजट बिगड़ने के कारण अब उन्हें गहनों की खरीदारी में कटौती करनी पड़ रही है। जहां लोग पहले भारी जेवर बनवाने की योजना बना रहे थे, अब वे कम वजन के आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं। बांगरमऊ सराफा संघ के व्यापारियों का कहना है कि ड्यूटी बढ़ने से सोने-चांदी की कीमतों में प्रति दस ग्राम और प्रति किलो हजारों रुपये की वृद्धि हुई है। ऊंचे दामों के कारण अचानक ग्राहकों की संख्या कम हो गई है।जिन ग्राहकों ने पहले से जेवर बुक कराए थे, उनके साथ रेट को लेकर सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो रहा है।
वहीं जानकारों का मानना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो निवेश के लिए सोना खरीदने वाले लोग भी बाजार से दूरी बना सकते हैं। हालांकि, बांगरमऊ के छोटे व्यापारियों का तर्क है कि इससे अवैध तरीके से होने वाले व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है और छोटे दुकानदारों की कमर टूट जाएगी। क्षेत्र के एक सराफा कारोबारी ने बताया, अचानक 9 प्रतिशत की वृद्धि ने बाजार की लय बिगाड़ दी है। हम उम्मीद कर रहे थे कि शुल्क में कटौती होगी, लेकिन सरकार के इस फैसले ने व्यापार को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। वर्तमान में नगर के बाजारों में लोग केवल बहुत जरूरी होने पर ही सोने-चांदी की खरीदारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि कीमतों में स्थिरता नहीं आई, तो व्यापार पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ना तय है।

