(फजलुर्रहमान)
सफीपुर, उन्नाव।सफीपुर की ऐतिहासिक और रूहानी सरजमीं पर स्थित प्रसिद्ध खानकाहे सफविया में हजरत मखदूम शाह सफी शाहे विलायत (रहमतुल्लाह अलैह) का तीन दिवसीय सालाना उर्स मुबारक अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हो गया। इस मुकद्दर मौके पर देश के कोने-कोने से आए मुरीदों और अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा।
खानकाहे सफविया के सज्जादा नशीन हजरत नवाजिश मोहम्मद फारूक उर्फ समदी मियां सफ़वी की जेरे सदारत (अध्यक्षता) और हजरत अफजाल मोहम्मद फारूकी सफ़वी की जेरे निगरानी (देखरेख) में उर्स के सभी धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम बेहद अदब व कामयाबी के साथ मुकम्मल किए गए। तीन दिनों तक चले इस उर्स के दौरान खानकाह शरीफ में विभिन्न मजहबी और रूहानी रस्मों का आयोजन किया गया, जिसमें गुस्ल शरीफ, संदल, चादर पोशी और महफिले समा (कव्वाली) प्रमुख आकर्षण रहे। अकीदतमंदों ने बारगाहे मखदूम शाह सफी में अकीदत के फूल और चादरें पेश कर मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआएं मांगीं। सज्जादा नशीन हजरत समदी मियां सफ़वी ने इस मौके पर शिरकत करने आए सभी जायरीनों को दुआओं से नवाजा और हजरत मखदूम शाह सफी की इंसानियत और मोहब्बत की तालीम पर रोशनी डाली। देश के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे हजारों मुरीदों के लिए खानकाह की ओर से रहने और लंगर (भोजन) के विशेष इंतजाम किए गए थे। उर्स के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित समापन पर खानकाह और स्थानीय अकीदतमंदों ने सभी का आभार व्यक्त किया।

