बेनज़ीर -तुर्की की खूबसूरत शादी

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सोने-चांदी की जगह अनाथ बच्चों की खुशी चुनी

तुर्की के शानलिउर्फा शहर में एक जोड़े ने अपनी शादी को महज रस्म नहीं, बल्कि इंसानियत और मोहब्बत का अनोखा नमूना बना दिया। मुहम्मद चाकमक और फातिमा चाकमक ने मेहमानों से कहा, “सोना-चांदी या महंगे गिफ्ट्स की बजाय एक-एक अनाथ बच्चे को साथ लेकर आओ।” इस अपील पर करीब 100 अनाथ बच्चे शादी में खास मेहमान बने।

ये शादी सिर्फ दूल्हा-दुल्हन की खुशी की नहीं थी। ये बच्चों की मुस्कान, उनके खिलौनों, कपड़ों और दिल की खुशी का जश्न था। दूल्हा-दुल्हन ने बच्चों के साथ खुद समय बिताया, उनके साथ डांस किया, गेम्स खेले और खूब सारा प्यार दिया। बच्चों ने स्वादिष्ट खाना खाया, मस्ती की और पहली बार इतनी बड़ी खुशी महसूस की।

क्यों लिया ये फैसला? 

मुहम्मद और फातिमा का कहना है कि शादी का ये खास दिन सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की खुशी का भी जरिया बने। उन्होंने मेहमानों से अपील की कि बच्चों के लिए खिलौने, नए कपड़े, जूते या आर्थिक मदद लेकर आएं। मेहमानों ने इस अपील को दिल से कबूल किया। शादी के हॉल में बच्चों की हंसी-खुशी गूंज रही थी। दूल्हा-दुल्हन ने खुद बच्चों को गिफ्ट्स बांटे और उनके चेहरों पर मुस्कान देखकर कहा, “ये हमारी सबसे बड़ी दौलत है।”

शानलिउर्फा के इस जोड़े ने दिखाया कि असली खुशी दूसरों को खुश करने में है। फातिमा ने कहा कि “ आध्यात्मिक शांति हर चीज से बढ़कर है।” मुहम्मद ने भी कहा कि वो दूसरों जोड़ों को भी ये मिसाल देना चाहते हैं।

सोशल मीडिया पर धूम 

ये खबर तेजी से वायरल हुई। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर लोग इस जोड़े की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। कोई कह रहा है “ये असली इंसानियत है”, तो कोई लिख रहा है “अल्लाह इनकी शादी को बरकत दे”। दुनिया भर में इस अनोखी शादी की चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं, नफरत और दिखावे के दौर में ये जोड़ा मोहब्बत और नेकी का पैगाम दे गया।

तुर्की में शादियां अक्सर भव्य होती हैं, लेकिन मुहम्मद और फातिमा ने दिखाया कि सादगी और नेकी से दिल जीते जा सकते हैं। अनाथ बच्चों को इतना प्यार और सम्मान देकर उन्होंने साबित किया कि शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि समाज की भलाई का मौका भी हो सकती है।

ये कहानी याद दिलाती है कि छोटे-छोटे कदम से भी बड़ी खुशियां बांटी जा सकती हैं। मुहम्मद और फातिमा की ये शादी लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहने वाली है।

इंसानियत ज़िंदाबाद! 

काश ऐसे और जोड़े दुनिया में बढ़ें, जो शादी को सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि दूसरों की खुशी का बहाना बनाएं।

क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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