खाने की क्वालिटी पर सख्ती- रिलायंस रिटेल और ब्लिंकिट पर महाराष्ट्र एफडीए की कार्रवाई

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मुंबई, 10 अगस्त: महाराष्ट्र में खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान की चपेट में अब बड़े रिटेल और क्विक कॉमर्स कारोबार भी आ रहे हैं। इसी सिलसिले में रिलायंस रिटेल के बुलढाणा स्थित स्टोर और ब्लिंकिट के मुंबई स्थित एक सेंटर पर कार्रवाई की गई है।

काजू कतली में कीड़े की शिकायत

बुलढाणा के एआरडी सिनेमॉल स्थित रिलायंस रिटेल से खरीदी गई लक्ष्मी नारायण ब्रांड की काजू कतली को लेकर 8 अगस्त को शिकायत मिली थी। शिकायत में मिठाई में फफूंद और जिंदा लार्वा यानी कीड़े मिलने की बात कही गई थी।

शिकायत मिलते ही एफडीए की टीम ने स्टोर का निरीक्षण किया। हालांकि शिकायत में बताए गए एसएल-05 बैच की काजू कतली स्टोर में नहीं मिली। यह बैच 29 मई 2026 को बनाया गया था और इसकी इस्तेमाल की आखिरी तारीख 29 अगस्त 2026 थी।

जांच के दौरान इसी उत्पाद का दूसरा बैच एसएल-07 मिला। इसे 20 जुलाई 2026 को बनाया गया था और इसकी इस्तेमाल की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर 2026 थी। एफडीए ने इसका सैंपल जांच के लिए अधिकृत लैब भेज दिया है।

इसके अलावा अधिकारियों ने 54 डिब्बे यानी 11.340 किलो काजू कतली, जिसकी कीमत करीब 10,238 रुपये बताई गई है, जब्त कर ली। अब आगे की कानूनी कार्रवाई लैब की रिपोर्ट के आधार पर होगी।

ब्लिंकिट सेंटर में मिली गंभीर गंदगी

मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित सरवोदय भवन, रामचंद्र लेन में ब्लिंकिट के एक सेंटर का 7 अगस्त को एफडीए अधिकारियों ने निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों को खाने-पीने की चीजों को रखने और साफ-सफाई के मामले में गंभीर कमियां मिलीं।

एफडीए के मुताबिक, कई खाद्य सामान जंग लगे रैक और फर्श पर रखे हुए थे। कोल्ड स्टोरेज की सफाई भी ठीक नहीं थी। अधिकारियों को कुछ एक्सपायर्ड और खराब या छेड़छाड़ किए हुए पैकेट भी मिले।

जांच में सामान की समय पर बिक्री और एक्सपायरी को नियंत्रित करने वाली एफआईएफओ और एफईएफओ व्यवस्था का सही पालन नहीं होने की बात भी सामने आई।

सबसे गंभीर बात यह रही कि फल और सब्जियां रखने वाले हिस्से में बड़ी संख्या में कॉकरोच पाए गए। एफडीए ने इसे खाने के सामान के दूषित होने का गंभीर खतरा माना।

इसके अलावा कीड़े और चूहों से बचाव की व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, कर्मचारियों की मेडिकल जांच और हेल्थ रिकॉर्ड, व्यक्तिगत सफाई तथा जरूरी सुरक्षा सामान को लेकर भी कमियां पाई गईं।

ब्लिंकिट का फूड लाइसेंस निलंबित

इन कमियों को देखते हुए महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड, जो ब्लिंकिट का संचालन करती है, के इस सेंटर का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

लाइसेंस निलंबित रहने के दौरान इस सेंटर से खाद्य सामान बेचने, बांटने या वहां से कोई फूड कारोबार करने पर रोक रहेगी।

बड़े कारोबार भी जांच से बाहर नहीं

इस पूरी कार्रवाई का एक अहम पहलू यह है कि एफडीए की जांच सिर्फ छोटे दुकानदारों या स्थानीय कारोबार तक सीमित नहीं है। बड़े रिटेल और ऑनलाइन क्विक कॉमर्स कारोबार भी खाद्य सुरक्षा के नियमों के दायरे में हैं।

महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा है कि लोगों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना मिलना उनका हक है। खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

साफ बात यह है कि ऑनलाइन ऑर्डर हो या बड़े स्टोर से खरीदारी, खाने की चीजों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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