(शिबली रामपुरी)
यूट्यूब ने अपने प्लेटफार्म पर अब कई बदलाव किए हैं और कुछ और बदलाव जल्दी ही वह करने जा रहा है यह ऐसे बदलाव हैं कि जिससे अब ओरिजिनल वीडियो बनाने वालों को ही अहमियत दी जाएगी और स्पष्ट है कि अब यूट्यूब पर कॉपी पेस्ट नहीं चलेगा.
YouTube ने हाल ही में अपने नियम और प्लेटफॉर्म डिज़ाइन में बड़े बदलाव किए हैं, जिसने दुनिया भर के कंटेंट क्रिएटर्स और दर्शकों को चौंका दिया है। कंपनी ने अपने YouTube Partner Program (YPP) के तहत मोनेटाइजेशन (कमाई) के नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य प्लेटफॉर्म से फेक, कॉपी-पेस्ट और एआई (AI) द्वारा बनाए गए कचरा कंटेंट को साफ करना और असली क्रिएटर्स को बढ़ावा देना है.
नीचे इस बड़े बदलाव से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दी गई हैं।
1. मोनेटाइजेशन के नियम हुए बेहद कठिन
यूट्यूब ने नए क्रिएटर्स के लिए विज्ञापन (Ads) से होने वाली कमाई के नियमों में भारी बदलाव किया है:
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- वॉच टाइम की शर्त दोगुनी: जहां पहले लॉन्ग-फॉर्म वीडियो से कमाई के लिए पिछले 12 महीनों में 4,000 घंटे का वॉच टाइम चाहिए होता था, उसे अब बढ़ाकर 8000 घंटे कर दिया गया है.
- यूट्यूब शॉर्ट्स के लिए कड़ा टारगेट: यूट्यूब शॉर्ट्स के जरिए मुख्य एडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू पाने के लिए अब क्रिएटर्स को पिछले 90 दिनों में कम से कम एक करोड़ वियुज हासिल करने होंगे. हालांकि, 500 सब्सक्राइबर्स वाले फैन फंडिंग (जैसे सुपर चैट, थैंक्स) के नियम पहले की तरह ही रहेंगे.
ओरिजिनल और ऑथेंटिक (असली) कंटेंट को ही पैसे कमाने का मौका
अब यूट्यूब केवल ओरिजिनल और ऑथेंटिक (असली) कंटेंट को ही पैसे कमाने का मौका देगा. अगर आप निम्नलिखित गलतियां करते हैं, तो आपका चैनल डिमोनेटाइज (कमाई बंद) हो सकता है:
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- मास-प्रोड्यूस्ड वीडियो: थोक में या ऑटोमेशन टूल्स के जरिए बिना किसी इंसानी मेहनत के बनाए गए वीडियो की मोनेटाइजेशन बंद की जा रही है.
- पूरी तरह से AI निर्मित वीडियो: यदि वीडियो में केवल एआई-जनरेटेड आवाज, विजुअल्स और स्क्रिप्ट का इस्तेमाल है और क्रिएटर का अपना कोई मूल्य या कलात्मक योगदान नहीं है, तो उससे कमाई नहीं होगी.
- रिपीटिटिव (दोहराए जाने वाले) कंटेंट: एक ही वीडियो क्लिप को बार-बार अपलोड करना या दूसरों के वीडियो पर बिना किसी ठोस कमेंट्री या रचनात्मक बदलाव के रिएक्शन देना अब स्वीकार्य नहीं होगा.
3. ट्रेंडिंग पेज बंद और न्यू फीचर्स की एंट्री
कमाई के नियमों के अलावा यूट्यूब के इंटरफेस में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं:
- बंद हुआ ट्रेंडिंग पेज: यूट्यूब ने वायरल वीडियो दिखाने वाले अपने पारंपरिक ट्रेंडिंग पेज को बंद कर दिया है. अब दर्शकों को उनकी रुचि के आधार पर होम पेज, सर्च और एक्सप्लोर सेक्शन में ही व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) वीडियो दिखाए जाएंगे.
- इन-ऐप मैसेजिंग की वापसी: यूट्यूब अपने प्लेटफॉर्म पर करीब 6 साल पुराना प्राइवेट मैसेजिंग फीचर वापस ला रहा है. इसकी मदद से यूजर्स बिना वॉट्सऐप पर जाए सीधे यूट्यूब ऐप के अंदर ही वीडियो शेयर कर सकेंगे और दोस्तों के साथ चैट कर पाएंगे. यह फीचर सुरक्षा कारणों से केवल 18 वर्ष से ऊपर के चुनिंदा देशों के यूजर्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है.

