हादसा –पूल में डूबे दो मासूम, परिवार पर टूटा ग़म

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गुजरात के आनंद ज़िले में उमेटा के पास मौजूद कामधेनु रिसॉर्ट में एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। छुट्टी मनाने पहुंचे दो सगे भाइयों, 9 साल के हामज़ा और 7 साल के नोमान, की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक परिवार वडोदरा के तांदलजा इलाके से छुट्टी बिताने के लिए रिसॉर्ट पहुंचा था। परिवार में छह लोग थे और वे कमरा नंबर 112 में ठहरे हुए थे। रविवार सुबह परिवार नाश्ता कर रहा था। इसी दौरान दोनों बच्चे जल्दी नाश्ता करके खेलने के लिए बाहर निकल गए और स्विमिंग पूल की तरफ चले गए।

बताया गया है कि कैंटीन और पूल के बीच करीब 150 से 200 फीट का फासला था। परिवार को जब बच्चों के पूल की तरफ जाने का पता चला और उनकी तलाश की गई, तब तक दोनों गहरे पानी में जा चुके थे। परिजनों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला और फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि दोनों बच्चों का जन्मदिन इसी महीने 27 अगस्त को आने वाला था। परिवार के लिए यह छुट्टी खुशी का मौका थी, लेकिन वही सफर जिंदगी भर का ग़म बन गया।

परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

हादसे के बाद परिवार की तरफ से रिसॉर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चों की उम्र को देखते हुए स्विमिंग पूल के आसपास पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी था। परिवार की ओर से रिसॉर्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।

हालांकि, रिसॉर्ट की कथित लापरवाही के बारे में अंतिम जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस या संबंधित प्रशासन की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है। अभी उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में इस हादसे की पूरी जांच रिपोर्ट या किसी अधिकारी की विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं मिली है।

कामधेनु रिसॉर्ट की अपनी वेबसाइट पर स्विमिंग पूल को रिसॉर्ट की सुविधाओं में शामिल किया गया है। दूसरे यात्रा और होटल प्लेटफॉर्म भी यहां आउटडोर स्विमिंग पूल की सुविधा का उल्लेख करते हैं।

एक हादसा, कई सवाल

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है। यह हर उस जगह के लिए चेतावनी है जहां बच्चों के लिए स्विमिंग पूल मौजूद हैं।

बच्चों के पूल में जाने के समय लगातार निगरानी, गहरे और उथले पानी की साफ पहचान, सुरक्षा रेलिंग, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, सीसीटीवी और आपात स्थिति में तुरंत मदद का इंतजाम बेहद जरूरी है। खास तौर पर छोटे बच्चों को अकेले पूल के आसपास जाने देना बहुत खतरनाक हो सकता है।

हामज़ा और नोमान अपने परिवार के साथ कुछ खुशियां बांटने निकले थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद वही पूल उनके परिवार के लिए मातम की जगह बन जाएगा।

दो मासूम जिंदगियां चली गईं। पीछे रह गए माता-पिता और परिवार के ऐसे सवाल, जिनका जवाब शायद किसी भी मुआवजे से नहीं मिल सकता।

इस घटना की जिम्मेदारी अगर किसी की लापरवाही से जुड़ती है तो जांच के बाद वह सामने आनी चाहिए। लेकिन उससे भी जरूरी यह है कि ऐसे हादसे दोबारा न हों।

बच्चों की सुरक्षा किसी भी रिसॉर्ट की सुविधा से बड़ी जिम्मेदारी है।

क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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