पालघर, 21 अगस्त। पालघर में आज आयोजित District Investment Summit 2026 में जिले के औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के वन मंत्री और पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक ने की। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ समेत उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का मकसद जिले में निवेश बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना है।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि उद्योग लगाने की प्रक्रिया और जमीन से जुड़े नियमों को लेकर लोगों में अभी पूरी जानकारी नहीं है। प्रशासन और संबंधित विभाग मिलकर इन समस्याओं को दूर करने पर काम कर रहे हैं। उद्योगों को बिल्डिंग परमिशन, बैंक लोन, बीमा, सब्सिडी और सरकारी इंसेंटिव जैसी सुविधाओं की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को उद्योगों से रोजगार का सीधा लाभ मिलना चाहिए। कंपनियों की जरूरत के अनुसार स्थानीय युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने की तैयारी है और इसमें CSR फंड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। वाधवन पोर्ट और दूसरे बड़े प्रोजेक्टों के लिए स्थानीय युवाओं को पहले से तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। वाधवन पोर्ट के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम पर प्रशासन पहले से काम कर रहा है।
पालघर में निवेश की बड़ी संभावनाएं
पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पालघर के पास वाधवन पोर्ट, मुंबई-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे, बुलेट ट्रेन और मुंबई एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी जैसी बड़ी सुविधाएं हैं। जिले में पहाड़, समुद्र और मैदानी क्षेत्र, तीनों तरह की भौगोलिक क्षमता मौजूद है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पालघर को बड़े औद्योगिक और विकास केंद्र के रूप में तैयार किया जा सकता है। फर्नीचर और वुड इंडस्ट्री के लिए लगभग 1,000 एकड़ के क्लस्टर जैसी योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
नाईक ने उद्योगों से प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट और पर्यावरण संरक्षण पर गंभीरता से काम करने की अपील की। उन्होंने प्लास्टिक से डीजल बनाने जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा देने और सरकारी Single Window System का लाभ उठाने की बात कही।
स्थानीय लोगों को कितना फायदा?
सम्मेलन में यह बात खास तौर पर सामने आई कि पालघर में बाहर से आने वाले उद्योगों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और लोगों को रोजगार और कारोबार का सीधा लाभ मिलना चाहिए। प्रशासन ने उद्योगों की समस्याओं को संबंधित विभागों के साथ मिलकर हल करने का भरोसा दिया।
पालघर जिला प्रशासन की कोशिश है कि निवेश सिर्फ आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उससे स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिले।
क़ौमी फ़रमान न्यूज़

