दीन की बातें आम करने वाले असरदार खतीब के इंतिकाल पर गम की लहर
इस्लामी दुनिया के मशहूर आलिम, खतीब और दीन की बातें आम लोगों तक आसान अंदाज में पहुंचाने वाले हज़रत मौलाना अब्दुल हन्नान सिद्दीकी साहब का इंतिकाल हो गया। उनके इंतिकाल की खबर से भारत, पाकिस्तान समेत दुनिया भर में उनके चाहने वालों और शागिर्दों में गहरा रंजो-गम फैल गया है।
विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौलाना अब्दुल हन्नान सिद्दीकी पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। 4 सितंबर को उनके इंतिकाल की खबर सामने आई, जिसके बाद सोशल मीडिया और धार्मिक हलकों में ताज़ियत और दुआओं का सिलसिला शुरू हो गया।
बयान का अपना एक अलग अंदाज
मौलाना अब्दुल हन्नान सिद्दीकी उन उलमा और वक्ताओं में शुमार थे, जिनकी तकरीरें बड़ी तादाद में सुनी और साझा की जाती थीं। उनके बयान खास तौर पर इस्लामी तारीख, अखलाक, इंसानी रिश्तों, वालिदैन की खिदमत, पारिवारिक जिंदगी और रूहानी इस्लाह जैसे विषयों पर आधारित होते थे।
उनकी बात करने की शैली आम लोगों तक सीधे पहुंचती थी। वे जटिल मसाइल को भावनात्मक और असरदार अंदाज में बयान करने के लिए जाने जाते थे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके बयानों की व्यापक पहुंच थी और उनका आधिकारिक यूट्यूब चैनल भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचता रहा है।
बीमारी के दौरान होती रही दुआ की अपील
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पिछले दिनों मौलाना साहब की तबीयत काफी नासाज थी। उनके इलाज से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद दुनिया भर में उनके चाहने वालों ने सेहतयाबी के लिए दुआएं की थीं। क़ौमी लेकिन आखिरकार दीन की खिदमत में अपनी जिंदगी गुजारने वाली यह आवाज खामोश हो गई।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

