ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सेक्रेटरी मौलाना डॉ. यासीन अली उस्मानी बदायूंनी की क़ियादत में बोर्ड के एक वफ़्द ने 9 सितंबर को सहारनपुर का दौरा किया। वफ़्द ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद पुरानी मस्जिद गिराए जाने के मामले में कानूनी और प्रशासनिक हालात का जायज़ा लिया।
वफ़्द ने वकीलों, मस्जिद के मुतवल्ली, सिटी क़ाज़ी नदीम अख़्तर और दूसरे ज़िम्मेदार लोगों से मुलाक़ात की। मस्जिद की ज़मीन की मिल्कियत, वक़्फ़ रिकॉर्ड, प्रशासन की कार्रवाई और अदालत में चल रहे मामले पर बातचीत हुई।
बोर्ड के मुताबिक़, 16 जुलाई को रोक का हुक्म मिला था, जो 24 जुलाई को जारी हुआ। इसके बाद 2 सितंबर को मस्जिद गिराए जाने की बात सामने आई। बोर्ड ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़ मस्जिद गिराने का कोई सीधा अदालती हुक्म सामने नहीं आया है। हालांकि अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के रिकॉर्ड और दस्तावेज़ देखने के बाद ही तय होगी।
बोर्ड ने इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ले जाने का फैसला किया है। मस्जिद की दोबारा तामीर, ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई और ज़मीन व वक़्फ़ की हैसियत तय करने जैसी मांगें अदालत के सामने रखी जा सकती हैं।
बोर्ड ने साफ़ कहा कि यह लड़ाई पुरअमन और दस्तूरी तरीके से लड़ी जाएगी और मस्जिद व वक़्फ़ की मिल्कियत के हक़ की हिफ़ाज़त के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

