आयुष मलिक, शामली का मामला फिर चर्चा में है। पहले आयुष ने खुद मीडिया के सामने दावा किया था कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया और नाम मोहम्मद अली रखा। पिता की शिकायत पर पुलिस ने अवैध धर्मांतरण का केस दर्ज कर चांदनी कुरैशी और उनके पिता को जेल भेज दिया।
जून में आयुष का ‘घर वापसी’ वाला वीडियो आया, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म दोबारा अपनाने और परिवार से माफी मांगने का दावा किया। उसके बाद से आयुष सार्वजनिक रूप से गायब हो गए।
अब आयुष के एक दोस्त ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। आरोप है कि ‘घर वापसी’ के बाद परिवार ने सरकारी मशीनरी की मदद से आयुष को अवैध हिरासत में रखा है।
कोर्ट का कड़ा रुख
जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने कहा कि दस्तावेजों से पहली नजर में लगता है आयुष ने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया और चांदनी से शादी की थी।
कोर्ट ने पिता देवराज सिंह मलिक को नोटिस जारी किया और पुलिस को निर्देश दिया कि 16 सितंबर 2026 को आयुष मलिक को अदालत में पेश किया जाए।
महीनों के सन्नाटे के बाद अब आयुष का बयान ही असली हकीकत बताएगा।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

