लखनऊ।इनोवेशन, स्टार्टअप और नए आइडिया को एक मंच पर लाने की दिशा में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में UPRISE 2026 का आयोजन किया गया। 8 सितंबर को सेंट्रल ऑडिटोरियम कॉम्प्लेक्स में हुए इस कार्यक्रम में छात्रों, उद्यमियों, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और मेंटर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मक़सद छात्रों के नए विचारों को पहचान देना और उन्हें भविष्य के बिज़नेस व स्टार्टअप में बदलने का रास्ता दिखाना था।
आइडिया को मिले पंख
कार्यक्रम का आयोजन इंटीग्रल स्टार्टअप्स फाउंडेशन सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट यानी ISF-CIED की ओर से किया गया। संस्था की कोशिश छात्रों में इनोवेशन, क्रिएटिविटी, सहयोग और एंटरप्रेन्योरशिप की सोच को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन समारोह में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की एडिशनल प्रो-चांसलर और ISF-CIED की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. निदा फ़ातिमा, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन्स प्रो. अब्दुल रहमान ख़ान, HRDC के डायरेक्टर और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रो. सैयद अकील अहमद, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के HoD डॉ. मोहम्मद आतिफ सिद्दीकी तथा ISF-CIED के इन्क्यूबेशन मैनेजर और इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के प्रेसिडेंट डॉ. नूर आलम ख़ान मौजूद रहे।
एक्सपर्ट्स ने साझा किया अनुभव
UPRISE में स्टार्टअप और बिज़नेस की दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। इनमें वेंचर कैटालिस्ट्स++ की एंजेल इन्वेस्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम एनेबलर पूनम के. खंडेलवाल, डिज़ाइन, एक्सपीरियंस एंड डिजिटल एग्जीक्यूटिव और 3x को-फाउंडर हर्षित देसाई, कीरोस फ़ूड्स प्राइवेट लिमिटेड की को-फाउंडर सिमरन साहनी तथा ऑर्बिट वॉलेट के को-फाउंडर और CEO हर्षवर्धन जावेरी शामिल रहे।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने छात्रों को अपने आइडिया सामने लाने और उन्हें कामयाब उद्यम में बदलने के लिए प्रेरित किया। डॉ. निदा फ़ातिमा ने एंटरप्रेन्योरशिप और इन्क्यूबेशन की अहमियत बताते हुए कहा कि एक अच्छे आइडिया को प्रभावशाली उद्यम में बदलने के लिए सही मार्गदर्शन, मेहनत और मज़बूत इकोसिस्टम की ज़रूरत होती है।
12 टीमों ने दिखाया हुनर
UPRISE 2026 में छह-छह सदस्यों वाली कुल 12 टीमों ने अपने इनोवेटिव आइडिया और प्रोटोटाइप पेश किए। छात्रों के प्रोजेक्ट्स में स्मार्ट ऑटोमेशन, मेडटेक, बायोटेक, हेल्थटेक, कृषि और ग्रामीण विकास, रोबोटिक्स और ड्रोन, क्लीन एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
इन प्रोजेक्ट्स में छात्रों ने यह दिखाने की कोशिश की कि यूनिवर्सिटी का कैंपस सिर्फ़ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि नए समाधान और नए बिज़नेस आइडिया तैयार करने की प्रयोगशाला भी बन सकता है।
Innov8x ने जीता ख़िताब
विशेषज्ञों के पैनल ने सभी टीमों के आइडिया और प्रोटोटाइप का मूल्यांकन किया। इसके बाद टीम Innov8x को विजेता घोषित किया गया। टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार और ट्रॉफी दी गई।
टीम WunderBär ने पहला रनर-अप स्थान हासिल किया और उसे 15 हजार रुपये, जबकि टीम MERIDIAN दूसरे रनर-अप के रूप में चुनी गई और उसे 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिला। तीनों विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
कैंपस से स्टार्टअप तक
UPRISE 2026 ने छात्रों को अपने आइडिया को सिर्फ़ प्रेज़ेंट करने का नहीं, बल्कि उसे वास्तविक उद्यम में बदलने की सोच भी दी। कार्यक्रम ने यूनिवर्सिटी, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, मेंटर्स और युवा इनोवेटर्स के बीच संवाद का एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया।
ISF-CIED के नेतृत्व में आयोजित यह पहल इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के उस विज़न को सामने लाती है, जिसमें छात्रों को आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से उद्यमिता तक पहुंचाने के लिए एक बेहतर स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

