लखनऊ: 16 सितंबर को गांधी आडिटोरियम में जेन जी का महाजुटान, शिक्षा-परीक्षा-रोजगार और जवाबदेह व्यवस्था के लिए एकजुट होने का आह्वान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवाओं और छात्रों का एक बड़ा महाजुटान 16 सितंबर को होने जा रहा है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, AISA के ‘GenZ Rising’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी महाजुटान यात्रा का हिस्सा यह कार्यक्रम दिन के 3 बजे गांधी आडिटोरियम, रेजिडेंसी के सामने, में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, रोजगार के अवसर और बेहतर व जवाबदेह व्यवस्था के संघर्ष में सभी को एकजुट होने का आह्वान किया है।
कार्यक्रम का मुख्य नारा है, “आइए शिक्षा, परीक्षा व रोजगार तथा बेहतर व जवाबदेह व्यवस्था के संघर्ष में एकजुट हों!” आयोजकों का कहना है कि प्रदेश की राजधानी में यह महाजुटान छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसमें पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, बढ़ती फीस, शिक्षा का निजीकरण, शिक्षकों की कमी, स्कूलों-कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी और छात्र संघों की बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम AISA की प्रदेशव्यापी ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ का हिस्सा है, जो 9 सितंबर को प्रयागराज से शुरू होकर रायबरेली, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद/अयोध्या होते हुए लखनऊ और मेरठ तक पहुंची। यात्रा का उद्देश्य जंतर-मंतर आंदोलन की गति को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंचाना और छात्रों-युवाओं के स्थानीय संघर्षों को एक व्यापक आंदोलन से जोड़ना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार तथा जेएनयू छात्र संघ के नेताओं सहित कई युवा नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, हाल के महीनों में प्रदेश के कई जिलों में छात्रों ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और रोजगार संबंधी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए हैं। लखनऊ के इको गार्डन और अन्य स्थानों पर भी ऐसे विरोध प्रदर्शन हुए थे। महाजुटान में इन आवाजों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, पर्याप्त रोजगार के अवसर और सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल गांधी आडिटोरियम रेजिडेंसी के सामने स्थित है, जो लखनऊ के ऐतिहासिक और केंद्रीय इलाके में पड़ता है। आयोजकों ने सभी छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचें और इस संघर्ष को मजबूत बनाएं। “आपका इंतजार रहेगा,” आयोजकों का संदेश है।
यह महाजुटान सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी की आवाज को बुलंद करने का प्रयास माना जा रहा है। शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर एकजुटता से सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित होने की उम्मीद है।
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं से अनुरोध है कि वे समय पर पहुंचें और शिक्षा-परीक्षा-रोजगार तथा जवाबदेह व्यवस्था के इस महत्वपूर्ण संघर्ष में शामिल हों।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

