लाहौर, 21 सितंबर 2026: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की तीनों बहनों को लाहौर में हिरासत में लिया गया है। अलीमा खान के बाद अब डॉ. उज्मा खान और नूरीन नियाज़ी को भी 30 दिनों के लिए हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेज दिया गया है।
सबसे पहले इमरान खान की बहन अलीमा खान को 20 सितंबर को लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर हिरासत में लिया गया था। प्रशासन ने पंजाब में लागू मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर अध्यादेश की धारा 3 के तहत उनकी 30 दिन की निवारक हिरासत का आदेश दिया। प्रशासन का कहना है कि उनकी सार्वजनिक गतिविधियों से कानून-व्यवस्था को खतरा पैदा होने की आशंका थी।
इसके अगले दिन सोमवार को डॉ. उज्मा खान और नूरीन नियाज़ी के खिलाफ भी इसी कानून की धारा 3 के तहत 30 दिन की हिरासत के आदेश जारी किए गए। पुलिस के मुताबिक दोनों को कोट लखपत जेल भेज दिया गया है।
27 सितंबर के मार्च से पहले कार्रवाई
इन गिरफ्तारियों का समय इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में विरोध मार्च और प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य इमरान खान की रिहाई की मांग करना और संविधान की सर्वोच्चता के लिए आवाज उठाना है।
लाहौर प्रशासन के आदेश में अलीमा खान पर आरोप लगाया गया है कि वह सोशल मीडिया और सार्वजनिक बैठकों के जरिए PTI समर्थकों को लामबंद कर रही थीं। प्रशासन ने 2023 के 9 मई के प्रदर्शनों और सड़क अवरोधों से जुड़ी गतिविधियों का भी हवाला दिया है। इन आरोपों के आधार पर प्रशासन ने उनकी मौजूदगी को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
PTI ने इन कार्रवाइयों का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है और इन हिरासतों को पार्टी ने अधिकारों का उल्लंघन बताया है। पार्टी नेताओं और इमरान खान के परिवार की ओर से कुछ मामलों में कार्रवाई को “अपहरण” भी कहा गया है। ये आरोप PTI और परिवार की ओर से लगाए गए हैं।
PTI के मुताबिक, अलीमा खान के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, हालांकि उनमें से कुछ को बाद में छोड़ दिया गया।
इस घटनाक्रम से पाकिस्तान में इमरान खान और उनकी पार्टी को लेकर जारी राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। 27 सितंबर के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले इमरान खान के परिवार की तीनों बहनों की 30 दिन की हिरासत फिलहाल इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम का प्रमुख मुद्दा बन गई है।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

