नई दिल्ली, 23 सितंबर: दिल्ली के शालीमार बाग में मदीना मस्जिद और आसपास के कुछ हिस्सों पर देर रात हुई तोड़फोड़ को लेकर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सवाल उठाए हैं। यह कार्रवाई मैक्स हॉस्पिटल रोड पर सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की मुहिम के तहत की गई थी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था।
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोअतसिम खान ने कार्रवाई की पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मस्जिद से जुड़ा मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल में चल रहा था, इसलिए यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि तोड़फोड़ का आदेश किस आधार पर दिया गया और कार्रवाई देर रात क्यों की गई।
मलिक मोअतसिम खान ने यह भी कहा कि मस्जिद के प्रतिनिधियों के अनुसार धार्मिक सामग्री और कुरआन की प्रतियां हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने इस मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मस्जिद प्रबंधन की ओर से भी कार्रवाई के तरीके और समय पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं प्रशासन की ओर से इसे सड़क चौड़ीकरण के लिए सार्वजनिक जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया गया है।
जमाअत ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल से जुड़ा कानूनी विवाद कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही हल होना चाहिए और प्रशासन को पूरी कार्रवाई के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

