हैदराबाद, 24 सितंबर 2026:मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज़ की ओर से 23 सितंबर को “लॉ एंड रिलिजन: ज्यूडिशियल अप्रोच टुवर्ड्स मुस्लिम पर्सनल लॉ इन इंडिया” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मानू के स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. तबरेज़ अहमद ने की। वहीं सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, हैदराबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सैयद शाहिद राशिद ने मुख्य व्याख्यान दिया।
व्याख्यान में मुस्लिम पर्सनल लॉ, इस्लामी कानून, भारतीय संविधान और अदालतों के रुख के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। डॉ. सैयद शाहिद राशिद ने भारत में मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े प्रमुख कानूनी और संवैधानिक पहलुओं तथा इन मामलों में न्यायपालिका की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विषय आज के दौर में भी काफी महत्वपूर्ण है और इसका असर विभिन्न धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों पर पड़ता है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. तबरेज़ अहमद ने कहा कि कानून राजनीति का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कानून का विद्यार्थी समाज पर उस स्तर तक प्रभाव डाल सकता है, जिस स्तर तक डॉक्टर या इंजीनियर भी हमेशा नहीं पहुंच पाते।
डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज़ के प्रमुख प्रो. मोहम्मद हबीब ने स्वागत भाषण दिया और व्याख्यान के अकादमिक महत्व पर प्रकाश डाला। सुश्री ज़ीशान सारा, असिस्टेंट प्रोफेसर, ने कार्यक्रम की संयोजक और मॉडरेटर की भूमिका निभाई। वहीं डॉ. अब्दुल रकीब, असिस्टेंट प्रोफेसर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कानूनी, संवैधानिक और इस्लामी दृष्टिकोण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल-जवाब और अकादमिक चर्चा में हिस्सा लिया।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

