अलवर में पुलिस थाने के बाहर दिनदहाड़े मुस्लिम व्यक्ति की हत्या

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राजस्थान के अलवर जिले के बड़ौदामेव पुलिस थाने के ठीक बाहर गुरुवार सुबह ,24 सितंबर को दिनदहाड़े एक 40 वर्षीय व्यक्ति की पत्थर से सिर पर वार कर हत्या कर दी गई। मृतक सैकुन खान बड़ा वास, बरवास गांव के निवासी और किसान थे। वे तीन बच्चों के पिता थे।

पुलिस के अनुसार, सैकुन खान मोटरसाइकिल का टायर खरीदने बड़ौदामेव बाजार गए थे। उन्होंने अपने गांव के नूर मोहम्मद को बैंक के पास छोड़ा और करीब 10 बजे थाने के सामने से गुजर रहे थे। तभी आरोपी हर्ष मूर्तिकार , उम्र लगभग 25 साल , ने मोटरसाइकिल से खींचकर गिराया और सड़क पर पड़े पत्थर से उनके सिर पर बार-बार वार किए। दोनों के बीच कोई पूर्व दुश्मनी या परिचय नहीं था।

सैकुन खान को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से उन्हें अलवर रेफर किया गया, लेकिन जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है। उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है और मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। पुलिस ने इस हमले को सांप्रदायिक बताने वाली अटकलों से इनकार किया है।

घटना के बाद बड़ौदामेव थाने और अलवर जिला अस्पताल के बाहर परिजनों तथा ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थाने के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिवार को मुआवजा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने अलवर-भरतपुर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात बाधित हुआ। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

कांग्रेस विधायक टीकाराम जुल्ली ने घटना को राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर काला धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे थाने के सामने भी कानून का डर नहीं रखते। कुछ रिपोर्ट्स और परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सैकुन खान की दाढ़ी और टोपी से उनकी मुस्लिम पहचान साफ थी, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। परिवार का कहना है कि थाने के पास होने के बावजूद तुरंत मदद नहीं मिली। कुछ स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी पहले थाने में था और बाहर जाकर हत्या करने की बात कह चुका था। पुलिस ने इनमें से कई आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि घटना थाने के अंदर से दिखाई नहीं देती थी तथा चीख-पुकार सुनकर वे तुरंत पहुंचे।

काश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक समेत कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा की और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले बयानों से जुड़ा बताया। पुलिस जांच जारी है।

–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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