(फजलुर्रहमान)
बांगरमऊ, उन्नाव। चिश्तिया सिलसिले की प्रसिद्ध दरगाह खानकाहे सफ़विया, सफीपुर शरीफ में हजरत एजाज मोहम्मद फारूकी उर्फ शम्मू मियां सफवी निजामी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का उर्स मुबारक आगामी 1 नवंबर 2026, दिन रविवार को पूरी अकीदत, एहतराम और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। उर्स के अवसर पर दरगाह परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में मुरीदों, अकीदतमंदों और जायरीनों के शामिल होने की उम्मीद है।

उर्स मुबारक को लेकर खानकाह से जुड़े लोगों और अकीदतमंदों में विशेष उत्साह है। इस पवित्र अवसर पर बुजुर्गाने दीन को याद किया जाएगा तथा उनके जीवन, शिक्षाओं, आध्यात्मिक योगदान और इंसानियत, मोहब्बत एवं भाईचारे के पैगाम को याद किया जाएगा। खानकाहे सफ़विया सफीपुर शरीफ लंबे समय से चिश्तिया सिलसिले की रूहानी परंपराओं से जुड़ी हुई है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी अकीदतमंद शिरकत करते हैं।आस्ताना-ए-हजरत मखदूम शाह सफी अलैहिर्रहमा के सज्जादानशीन हजरत नवाजिश मोहम्मद फारूकी सफवी उर्फ समदी मियां साहब तथा खानकाहे सफ़विया के साहबजादा, वारिसे मसनदे शाहे सफी अलमारूफ हजरत अफजाल मोहम्मद फारूकी सफवी ने उर्स के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 नवंबर, रविवार को सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि बाद नमाजे फजर दरगाह शरीफ की मस्जिद में कुरआन ख्वानी का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान कुरआन पाक की तिलावत के साथ बुजुर्गाने दीन को खिराजे अकीदत पेश किया जाएगा और उनकी रूह के सवाब के लिए दुआ की जाएगी।
इसके बाद सुबह 10 बजे जिक्र-ए-औलिया-ए-कराम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में अल्लाह के नेक बंदों और बुजुर्गाने दीन की याद में जिक्र किया जाएगा। खानकाही परंपराओं के अनुसार आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में रूहानियत, इबादत और बुजुर्गों के प्रति अकीदत का विशेष महत्व रहता है। उर्स मुबारक के सिलसिले में बाद नमाजे जोहर महफिले समा का आयोजन किया जाएगा। महफिले समा खानकाही परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें सूफियाना कलाम और रूहानी महफिल के माध्यम से बुजुर्गाने दीन की शिक्षाओं को याद किया जाता है।
इसके उपरांत शाम 4 बजे कुल शरीफ का आयोजन होगा। इस मौके पर खानकाह से जुड़े लोगों, मुरीदों और अकीदतमंदों की मौजूदगी में विशेष दुआएं की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, इस अवसर पर मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली, तरक्की और समाज में मोहब्बत एवं सौहार्द कायम रहने के लिए दुआ मांगी जाएगी। उर्स के कार्यक्रमों की अगली कड़ी में बाद नमाजे असर साहिबे सज्जादा के दौलतखाना दारुल अमान में फातिहा खास का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में बुजुर्गाने दीन को याद करते हुए ईसाले सवाब किया जाएगा तथा मुल्क और कौम की सलामती के लिए दुआएं मांगी जाएंगी।
खानकाह से जुड़े सज्जादानशीन और साहबजादे की देखरेख में होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से चिश्तिया सिलसिले की आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उर्स जैसे आयोजन अकीदतमंदों को एक जगह एकत्र होने, धार्मिक परंपराओं से जुड़ने और आपसी मेल-मिलाप को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। खानकाहे सफ़विया सफीपुर शरीफ में आयोजित होने वाले उर्स मुबारक में हर वर्ष बड़ी तादाद में मुरीद और अकीदतमंद अपनी हाजिरी पेश करने पहुंचते हैं। लोग दरगाह पर हाजिरी देकर फातिहा पढ़ते हैं, दुआएं मांगते हैं और बुजुर्गाने दीन के प्रति अपनी अकीदत का इजहार करते हैं।

