अब्दुल्ला अली ने कहा कि मेरे भाई को भी सरकारी नौकरी मिली थी. उन्हें शिक्षक भर्ती से नौकरी मिली. उससे मुझे काफी प्रेरणा मिली. अब्दुल्ला अली ने आगे बताया, कहते थे कि योगी सरकार में मुसलमानों को नौकरी नहीं मिलती.उनका नाम नहीं आता. मगर इसी सरकार में हमें और हमारे भाई को नौकरी मिली. कुछ लोगों ने काफी नेगेटिविटी फैलाई. मगर मैं हिम्मत नहीं हारा और तैयारी में लगा रहा.
अब्दुल्ला अली ने साफ कहा कि जो काबिल होगा, उसे सरकारी नौकरी मिलेगी. मेरे मां-पिता के सामने कई समस्याएं थी. मगर उन्होंने हम मुकाम पर पहुंचाया. उन्होंने हमें इस काबिल बनाया है. आज हम समाज में आसानी से किसी के भी सामने बात कर सकते हैं और बैठ सकते हैं. अब्दुल्ला अली ने ये भी बताया कि उनका आखिरी लक्ष्य पीसीएस बनना है. उनका सपना एसडीएम बनने का है.
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के रहने वाले अब्दुल्ला अली ने कमाल कर दिया है. पुलिस भर्ती में अब्दुल्ला ने उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. बता दें कि अब्दुल्ला अली के पिता धोबी हैं. वह कपड़े धोने का काम करते हैं. मगर उनके बेटे अब्दुल्ला अली अपनी मेहनत के दम पर ना सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी प्राप्त की तो वहीं यूपी में दूसरा स्थान भी प्राप्त किया.अब्दुल्ला अली ने सुल्तानपुर से ही बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की और फिर पुलिस भर्ती में जुट गए. पुलिस भर्ती में अब्दुल्ला अली को 300 में से 276 नंबर मिले हैं. इसी के साथ उन्होंने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. अब्दुल्ला अली की इस सफलता पर पूरे परिवार में खुशी की लहर है.