दिल्ली के उत्तम नगर स्थित जेजे कॉलोनी में 26 वर्षीय तरुण कुमार की हत्या के बाद उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव पर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमी रेंज के जॉइंट पुलिस कमिश्नर जतीन नरवाल से जनकपुरी स्थित उनके कार्यालय में महत्वपूर्ण मुलाकात की तथा मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने समेत पांच प्रमुख मांगों वाला विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
यह घटना 4 मार्च को होली के दिन दोपहर में शुरू हुई जब तरुण की 11 वर्षीय चचेरी बहन छत से पानी भरे गुब्बारे फेंक रही थी। अनजाने में गुब्बारा फटने से छींटे पड़ोसी महिला पर गिरे, जिससे कहासुनी हुई। दोपहर 1:30 से 3 बजे के बीच पहली झड़प हुई, उसके बाद शाम 5 बजे दोबारा तनाव बढ़ा। रात 10:45 बजे आरोपियों ने योजना बनाकर लाठियों, लोहे की राड और पत्थरों से तरुण व उसके परिवार पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल तरुण की 5 मार्च को अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने हत्या, पोक्सो, एससी/एसटी एक्ट के तहत उमरुद्दीन, जमाउद्दीन, कमरुद्दीन, मुस्ताक, मुजफ्फर, ताहिर समेत 7 लोगों (एक नाबालिग सहित) को गिरफ्तार किया। जांच में 50 साल पुराने पार्किंग-कूड़े विवाद का पता चला। इसके बाद इलाके में तोड़फोड़, आगजनी हुई और एमसीडी ने मुख्य आरोपी के अवैध घर पर बुलडोजर चलाया।
अध्यक्ष_मौलाना_महमूद_असद_मदनी के निर्देश पर महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
उन्होंने क्षेत्र में व्याप्त भय, सांप्रदायिक तत्वों की उत्तेजना, सोशल मीडिया पर नरसंहार की धमकियां और मुस्लिम संपत्तियों पर हमलों की आशंका पर चिंता जताई। संगठन ने तरुण के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा निष्पक्ष जांच की मांग की, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के ‘ड्यू प्रोसेस’ दिशानिर्देशों का हवाला दिया। केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली उपराज्यपाल व पुलिस आयुक्त को भी पत्र भेजा गया।
जॉइंट_कमिश्नर_जतीन_नरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शांति बहाली के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बाहरी लोगों का प्रवेश बंद, शांति समिति बैठकें आयोजित, भारी पुलिस फोर्स तैनात। उन्होंने स्थानीय थाने से बाजार स्थिति जांची तथा मुस्लिम दुकानदारों को दुकानें सामान्य रूप से खोलने व पूर्ण सुरक्षा का निर्देश दिया। धार्मिक गतिविधियों पर भी सुरक्षा का वादा किया।
प्रतिनिधिमंडल व अपीलप्रतिनिधिमंडल में मौलाना अजीमुल्लाह सिद्दीकी कासमी (सचिव), एडवोकेट मोहम्मद नूरुल्लाह (सुप्रीम कोर्ट), मौलाना मोहम्मद कासिम नूरी (अध्यक्ष, जमीयत दिल्ली), मौलाना कारी आरिफ कासमी, हाफिज मोहम्मद यूसुफ आजमी, मुफ्ती मोहम्मद जाकिर कासमी व कारी फुरकान चौधरी शामिल थे। स्थानीय कार्यकर्ता जमील अहमद व मोहम्मद सरताज भी मौजूद। महासचिव ने शांति बनाए रखने की अपील की तथा सहायता का भरोसा दिया।

