मौजूदा हालात से मुस्लिम न मायूस हों और न डरें 

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    रोज़ा अफ्तार में किए गए विचार व्यक्त

मुंबई (रईस ख़ान):नफरती गैंग ने इस वक्त देश में जो बहकावे और गुमराही का जाल बिछा रखा है आखिर मुस्लिम इन हालात में क्या करें ? इस सवाल का एक जवाब यह आया कि मुस्लिम न तो डरें और न ही मायूस हों । बल्कि अपने वसाएल और अपनी ताकत से देश की शांति और भाईचारे को चोट पहुंचाने वालों का संवैधानिक स्तर पर मुकाबला करें। मीडिया के मजबूत प्लेटफार्म से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इन्हें एक्सपोज़ करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

मुंबई में जमात ए इस्लामी हिंद महाराष्ट्र हल्के के परिसर में मंगलवार को ज्यादातर मुंबई के उर्दू पत्रकारों लिए आयोजित किए गए इफ्तार प्रोग्राम में यह चर्चा हुई। देश के अलग-अलग हिस्सों में सांप्रदायिक ताकतों के जरिए मुस्लिमों के खिलाफ भड़काए जा रहे माहौल से देश का हरेक समझदार नागरिक चिंतित है।

हिंदुस्तान उर्दू अखबार के एडिटर सरफराज़ आरज़ू का कहना था कि कम्युनल ताकतें मुस्लिमों को डराना चाहती हैं और अलग-अलग फर्जी कानून के जरिए उनकी संपत्तियों को हड़पना चाहती हैं। इसमें वे कामयाब नहीं हो सकते। और मुस्लिमों को इससे डरने और मायूस होने की जरूरत नहीं है।

उर्दू न्यूज के संपादक शकील रशीद का कहना था कि फर्जी आतंकवाद की तरह अब ये नफ़रत फैलाने के लिए फर्जी फिल्मों और मुगलों का सहारा ले रहे हैं। वक्फ बिल के बहाने मुस्लिम संपत्तियों को लूटने का प्लान बना रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर जर्नलिस्ट वजीहुद्दीन खान ने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल से मनगढ़ंत और इस्लाम विरोधी बयानबाजी को कंट्रोल किया जा सकता है।

क़ौमी फ़रमान के संपादक रईस खान ने मीडिया के प्लेटफार्म को एकजुट होकर इसे ताकतवर बनाने पर जोर दिया। मुस्लिमों के खिलाफ भड़काए जा रहे माहौल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म पर ले जाने की जरूरत पर बल दिया।

इस मौके पर मौजूद सभी पत्रकारों ने इस बात पर सहमति जताई कि इन सांप्रदायिक ताकतों से न तो डरने की जरूरत है और ना ही मायूसी अख्तियार करना है। इस प्रोग्राम में सीनियर जर्नलिस्ट जावेद जमालुद्दीन, उर्दू टाइम्स के संपादक फारुक अंसारी, निहाल सगीर, नूर काजी दैनिक सहाफत के संपादक गुफरान साजिद कासमी समेत लगभग दो दर्जन पत्रकारों ने शिरकत की। जमात ए इस्लामी महाराष्ट्र हल्के के सेक्रेटरी ज़फ़र अंसारी ने इस प्रोग्राम की क़यादत की और आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।

1 COMMENT

  1. Mera Manana hai ki.Hamara ek Achhe Qabil Vakeelon ka Penal Har Waqt Active Rehana Chahiye Jo sab se Pahale HC or SC men Turant Cases Dakhil Karen Chahe Muaamala Waqf Board ka Ho …Nagpur ka Ho Ya fir Aurangzeb Ki Kabar ka ho Ya Fir Kuchh Ugravadi CMs Aur Dusare Leaders par turant Pabandi Lagai Jaaye …
    Phir Parliament me Aur Assembly men Aur Media mein bhi Puri Aqal .Qanunui Experts ki Rai se Ho Aur Akhbaaron men Likha Jay Aur Har District Headquarter par Memorandum Diye Jaayen.

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