(रईस खान)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत की दुखद घटना ने पूरे राजनीतिक जगत को स्तब्ध कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि अजित पवार भाजपा से नाराज थे और इंडिया गठबंधन में वापस लौटने वाले थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लालू प्रसाद यादव, उमर अब्दुल्लाह और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं अजित पवार के चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने साफ कहा कि यह एक दुर्घटना है, इसमें कोई साजिश नहीं है और इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक जताया है।
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। उन्होंने लंबे समय तक विभिन्न पदों पर काम किया और 2023 में एनसीपी में विभाजन के बाद भाजपा के साथ गठबंधन बनाकर उपमुख्यमंत्री बने। हाल के महीनों में उनके और भाजपा के बीच कुछ मतभेद की खबरें आई थीं। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। अजित पवार का अंतिम संस्कार कल 29 जनवरी को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ बारामती में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री और कई बड़े नेता शामिल होने वाले हैं। इस घटना ने राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और निजी विमानों के संचालन पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
विमान हादसे की जांच में अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह पूरी तरह मौसम की मार को मुख्य वजह बता रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट 45 का हादसा बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान घने कोहरे और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण हुआ। विमान दिल्ली-आधारित कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का था, जो मुंबई से बारामती की उड़ान भर रहा था।
सुबह 8:18 बजे विमान ने बारामती एटीसी से संपर्क किया, जहां पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि की, लेकिन पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं हो सकी। पायलट ने गो-अराउंड किया और दूसरी कोशिश की, लेकिन इस दौरान विमान असंतुलित हो गया, रनवे से फिसलकर जमीन पर टकराया, विस्फोट हुआ और भीषण आग लग गई।
डीजीसीए की मिनट-टू-मिनट रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोई मेडे कॉल नहीं किया गया, यानी आपात स्थिति की घोषणा नहीं हुई। पायलट ने आखिरी संपर्क में कहा था कि रनवे दिख गया है, लेकिन विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम होने से विमान लगभग 100 फुट की ऊंचाई पर संतुलन खो बैठा। जांच में पाया गया कि पायलट और सह-पायलट दोनों मेडिकली फिट थे, विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। विमान का आखिरी रेगुलेटरी ऑडिट फरवरी 2025 में हुआ था और वह पूरी तरह उड़ान योग्य था।
बारामती एयरपोर्ट अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां एटीसी की बजाय फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर या पायलट ही जानकारी देते हैं। एएआईबी की स्पेशल टीम दिल्ली से पहुंच चुकी है और अब ब्लैक बॉक्स, एन्हांस्ड ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम, डिजिटल इंजन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, एयरफ्रेम-इंजन लॉगबुक, मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स और बोर्ड पर मौजूद डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पिछले 26 मिनटों पर फोकस है, जिसमें कई लैंडिंग अटेम्प्ट, गो-अराउंड और आखिरी क्रैश शामिल है। सीसीटीवी फुटेज में विमान के रनवे से फिसलते, टकराते और आग लगने का भयावह दृश्य दर्ज है।
एएआईबी ने वीएसआर के दिल्ली ऑफिस में कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। विमान का उड़ान समय लगभग 35 मिनट था और यह जिला परिषद चुनाव के लिए प्रचार के सिलसिले में जा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में कंपनी के एक अन्य लियरजेट के 2023 में मुंबई में क्रैश लैंडिंग का जिक्र है, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी पब्लिक नहीं हुई। जांच पूरी होने में कई दिन लग सकते हैं।

