(रईस खान)
देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले कर्नाटक के प्रसिद्ध शिक्षाविद् मौलाना खालिद बेग ने आज लखनऊ में सर सय्यद मिशन स्कूल के निर्माण स्थल का दौरा किया। उनके साथ मौलाना कौसर नदवी, डॉ. अब्दुल अहद और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
मौलाना खालिद बेग ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पुराने छात्र संघ लखनऊ की इस पहल की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि सर सय्यद अहमद खान की सोच को साकार करने का यह सही तरीका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश में अलीगढ़ के पुराने छात्र संघों को ऐसी ही स्कूल बनाने की मुहिम शुरू करनी चाहिए। इससे सर सय्यद के मिशन को कामयाबी मिलेगी।
कर्नाटक के प्रसिद्ध शिक्षाविद् मौलाना खालिद बेग नदवी देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। वे दारुल अरकाम पब्लिक स्कूल्स के मुख्य संचालक हैं। उनके नेतृत्व में देश के अलग-अलग राज्यों में 50 से ज्यादा स्कूल चल रहे हैं।
ये स्कूल आधुनिक शिक्षा और इस्लामी मूल्यों को साथ-साथ पढ़ाते हैं। यहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाती है। साथ ही कुरान, नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। स्कूलों में अच्छी लैबोरेट्री, कंप्यूटर कक्ष, सुरक्षित माहौल और योग्य शिक्षक उपलब्ध हैं।
मौलाना खालिद बेग का मानना है कि बच्चों को सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक भी बनाना जरूरी है। इसलिए उनके स्कूलों में अनुशासन, सम्मान और इस्लामी मूल्यों की अच्छी तरबियत दी जाती है। कई स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं में भी अच्छे नतीजे आते रहते हैं।
ये स्कूल खासकर आम और गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का काम कर रहे हैं। मौलाना साहब मदरसा पृष्ठभूमि से आते हैं और वे चाहते हैं कि आधुनिक शिक्षा को धार्मिक शिक्षा के साथ जोड़कर मुस्लिम समाज को आगे बढ़ाया जाए।
लखनऊ के कार्यक्रम में उन्होंने यही बात कही थी कि अलीगढ़ के पुराने छात्रों को पूरे देश में ऐसे ही स्कूल खोलने चाहिए। उनके इस मॉडल को शिक्षा जगत में आधुनिक और इस्लामी शिक्षा का सफल उदाहरण माना जाता है।

