(फजलुर्रहमान)
बांगरमऊ के शांति मिल मैदान, बाईपास मैदान और स्कूलों के खेल मैदानों में इन दिनों सुबह से ही क्रिकेट का उत्साह देखने को मिल रहा है। हाथों में बल्ला और गेंद लिए युवा खिलाड़ी बड़े सपने लेकर मैदान में उतर रहे हैं। उनके लिए क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भविष्य बनाने का एक मजबूत जरिया बन चुका है।
आईपीएल और छोटे शहरों से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचे खिलाड़ियों की सफलता ने बांगरमऊ के युवाओं में नया जोश भर दिया है। अब यहां के युवा भी मेहनत और लगन के दम पर क्रिकेट में अपना नाम बनाने का सपना देख रहे हैं।
हालांकि क्षेत्र में खेल सुविधाओं की कमी है, फिर भी खिलाड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। स्थानीय खिलाड़ी कृष्णा बाजपेई बताते हैं कि यहां बड़े शहरों जैसी अकादमियां या आधुनिक पिच नहीं हैं। खिलाड़ी खुद मैदान तैयार करते हैं और सीमित संसाधनों में अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि जब साधारण परिवारों के खिलाड़ी देश के लिए खेल सकते हैं तो बांगरमऊ के युवा भी यह मुकाम हासिल कर सकते हैं।
समय के साथ अभिभावकों की सोच भी बदली है। पहले खेल को समय की बर्बादी माना जाता था, लेकिन अब माता पिता बच्चों के सपनों को पूरा करने में उनका साथ दे रहे हैं। एक युवा तेज गेंदबाज के पिता बताते हैं कि उन्होंने अपने बेटे की मेहनत देखकर अपनी बचत से क्रिकेट किट खरीदी ताकि वह आगे बढ़ सके और जिले का नाम रोशन कर सके।
क्रिकेट का सामान आज भी कई परिवारों के लिए महंगा है। अच्छे बल्ले, पैड, हेलमेट और जूतों की व्यवस्था करना आसान नहीं है। इसके बावजूद कई खिलाड़ी आपस में सहयोग करके जरूरी सामान जुटाते हैं और अभ्यास जारी रखते हैं।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की प्रतियोगिताओं और यूपी टी 20 लीग ने छोटे कस्बों के खिलाड़ियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। बांगरमऊ के युवा भी जिला और राज्य स्तर पर चयनित होकर आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।
खेल जानकारों का मानना है कि बांगरमऊ और आसपास के गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के युवाओं में ताकत, उत्साह और मेहनत करने का जज्बा है। यदि क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण और एक मिनी स्टेडियम की व्यवस्था हो जाए तो यहां से कई बड़े खिलाड़ी निकल सकते हैं।
स्थानीय खेल प्रेमियों की मांग है कि खेल मैदानों का विकास किया जाए और समय समय पर प्रतिभा खोज प्रतियोगिताएं आयोजित हों। युवाओं का विश्वास है कि यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें तो बांगरमऊ भी क्रिकेट के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
हर दिन अभ्यास के बाद मैदान भले ही खाली हो जाता है, लेकिन युवाओं के सपने और उनका जुनून यह बताता है कि बांगरमऊ की धरती से आने वाले समय में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर उभर सकते हैं।

