कन्नौज जिले के मुरैया बुजुर्ग गाँव में एक छोटी-सी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा है, एएनएम मतलब आग़ज़िलरी नर्स मिडवाइफ केंद्र। इस केंद्र को लंबे समय से संभाल रही हैं विमला कटियार जी। उम्र के हिसाब से बुजुर्ग, लेकिन काम के मामले में पूरी लगन वाली।
कन्नौज के विधायक और समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने हाल ही में इस केंद्र का दौरा किया। उन्होंने विमला जी से बात की, उनके रजिस्टर चेक किए और केंद्र की व्यवस्था देखी। वीडियो में साफ दिखता है कि विमला जी केंद्र में सक्रिय हैं, दवाइयाँ, रजिस्टर और मरीजों की देखभाल का काम खुद संभाल रही हैं।
एएनएम केंद्र क्या करता है?
एएनएम केंद्र गाँव के प्राथमिक स्वास्थ्य का आधार होता है। यहाँ गर्भवती महिलाओं की जाँच, टीकाकरण, परिवार नियोजन की सलाह ,बच्चों का स्वास्थ्य, बुनियादी इलाज जैसी सेवाएँ दी जाती हैं। विमला जी इन्हीं कामों को सालों से निभा रही हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मदद से आधुनिक उपकरण
केंद्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सीएसआर, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी मदद से आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इनमें रेडिएंट वार्मर जैसा उपकरण भी शामिल है, जो नवजात शिशुओं के लिए उपयोगी होता है। इससे गाँव की महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
समर्पण की मिसाल
विमला कटियार जी जैसी महिलाएँ ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की असली रीढ़ हैं। दूर-दराज के गाँवों में डॉक्टर और बड़े अस्पताल आसानी से उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में एएनएम केंद्र और वहाँ काम करने वाली बहनें ही लोगों का सहारा बनती हैं। विमला जी ने उम्र की परवाह किए बिना अपना काम जारी रखा है।
असीम अरुण ने अपने दौरे के दौरान उनके काम की सराहना की और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
विमला कटियार जी का उदाहरण बताता है कि छोटी जगह से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। गाँव की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उनका योगदान सराहनीय है। ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा और मजबूत हो सके।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

