गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है कस्बा बांगरमऊ, पूर्व चेयरमैन इजहार खान “गुड्डू” ने दी मिलजुल कर रहने की सीख

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  (फजलुर्रहमान)

बांगरमऊ, उन्नाव। बांगरमऊ नगर को हमेशा से ही गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहाँ की फिजाओं में आपसी भाईचारा और प्रेम का संदेश हमेशा से गूंजता रहा है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, नगर पालिका परिषद बांगरमऊ के पूर्व चेयरमैन एवं प्रमुख समाजसेवी इजहार खान “गुड्डू” ने एक बार फिर नगरवासियों को शांति, सौहार्द और एकता के साथ रहने का आह्वान किया है।

​पूर्व चेयरमैन इजहार खान “गुड्डू” ने अपने संदेश में कहा कि बांगरमऊ की पहचान यहाँ की मिली-जुली संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) से है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि त्योहार चाहे जो भी हों, हम सभी का कर्तव्य है कि हम एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनें और समाज में आपसी प्रेम की भावना को मजबूत करें। ​उन्होंने कहा, “हमारा नगर विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के संगम का स्थान है। यहाँ के लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखते हैं, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। विकास और शांति के लिए यह आवश्यक है कि हम सभी जात-पात और मतभेदों को भुलाकर एक परिवार की तरह मिलजुल कर रहें।”

​इजहार खान “गुड्डू” के इस संदेश की नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने के लिए ऐसे संदेशों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे बांगरमऊ की इस गौरवशाली परंपरा को भविष्य में भी अक्षुण्ण रखें और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करें।

​इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में शांति और एकता के संकल्प को दोहराया।

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