टीक्यूएम, एआई और इमोशनल इंटेलिजेंस के जरिए शिक्षकों को तैयार करने पर जोर
मुंबई के अंजुमन-ए-इस्लाम में तालीम के आने वाले दौर और शिक्षकों को नई जरूरतों के लिए तैयार करने के मकसद से एक अहम बैठक हुई। बैठक में तालीम और प्रोसेस एक्सीलेंस के क्षेत्र से जुड़े कई माहिर लोगों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अगुवाई कर्नल राज कलरा, चेयरमैन, इंटरनेशनल प्रोसेस एक्सीलेंस काउंसिल (IPEC), कमांडर राजीव कुबल, इंडियन नेवी (रिटायर्ड) और चेयरपर्सन, प्रोसेस एक्सीलेंस एम्बेसडर्स तथा पद्मश्री डॉ. जाहिर आई. काज़ी, प्रेसिडेंट, अंजुमन-ए-इस्लाम ने की।
बैठक में सलमा लोखंडवाला, एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन, बोर्ड फॉर हॉस्टल एकॉमोडेशन, सबा पटेल, प्रिंसिपल, डॉ. एम.आई.जे. जमखानावाला उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज, अमीना काज़ी, प्रिंसिपल, सैफ तैयबजी उर्दू हाई स्कूल और फौज़िया अंसारी, प्रिंसिपल, बेगम शरीफा कलसेकर गर्ल्स इंग्लिश हाई स्कूल भी मौजूद रहीं।
बैठक में ‘राज दृष्टि’ के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट पर विचार किया गया। इस प्रोजेक्ट में तालीम के मैनेजमेंट में टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट (TQM), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) और शिक्षकों की तेज़ और बेहतर ट्रेनिंग को एक साथ जोड़ने की योजना पर चर्चा हुई।
इस पहल का मकसद शिक्षकों को नई तकनीक और बदलते दौर की जरूरतों के लिए तैयार करना, स्कूलों के काम करने के तरीके को बेहतर बनाना और ऐसी तालीमी माहौल तैयार करना है जिसमें लगातार सुधार, नई सोच, अच्छी लीडरशिप और बेहतर नतीजों पर ध्यान दिया जाए।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आज के दौर में सिर्फ बच्चों को अच्छी तालीम देना काफी नहीं है, बल्कि शिक्षकों की ट्रेनिंग और स्कूलों के पूरे सिस्टम को भी लगातार बेहतर बनाना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक के साथ इमोशनल इंटेलिजेंस और इंसानी रिश्तों की समझ भी तालीम का अहम हिस्सा बन सकती है।
इस पहल की शुरुआत एक छोटे पायलट प्रोजेक्ट से करने का विचार है। कामयाबी मिलने पर इसे आगे मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे तालीमी संस्थानों तक ले जाने की संभावना है।
अंजुमन-ए-इस्लाम में हुई यह बैठक इस मायने में अहम मानी जा रही है कि इसमें तालीम को सिर्फ किताबों और क्लासरूम तक सीमित रखने के बजाय टीचर ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और इंसानी समझ को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
–क़ौमी फरमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

