बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस बनवाए जाने की मांग, फारूक अहमद एडवोकेट ने सरकार से की पहल की अपील

Date:

(फजलुर्रहमान)

बांगरमऊ, उन्नाव। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा (कुर्मिनखेड़ा) निवासी उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं यश भारती सम्मान से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस बनवाए जाने की मांग एक बार फिर दोहराई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना कराए जाने की मांग की है।

फारूक अहमद एडवोकेट ने कहा कि बांगरमऊ क्षेत्र भौगोलिक एवं यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। बांगरमऊ के आसपास से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहे हैं। इसके अलावा बांगरमऊ से हरदोई-उन्नाव मार्ग, बांगरमऊ-संडीला मार्ग, बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग तथा बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग जुड़े हुए हैं। इन मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है, जिसके चलते आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में कई बार लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं, जबकि दुर्भाग्यवश कुछ दुर्घटनाओं में लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को बांगरमऊ से लगभग 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय उन्नाव जाना पड़ता है। इससे मृतक के परिवारजनों को मानसिक पीड़ा के साथ-साथ लंबी दूरी तय करने, समय और धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फारूक अहमद ने कहा कि बांगरमऊ तहसील क्षेत्र की बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए यहां पोस्टमार्टम हाउस की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। यदि बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना हो जाती है तो सड़क दुर्घटना अथवा अन्य परिस्थितियों में होने वाली मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय ले जाने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि बांगरमऊ क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी परिस्थितियों में भी स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना होने से बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी फारूक अहमद ने उत्तर प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की कि बांगरमऊ में उपयुक्त स्थान का चयन कर शीघ्र पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना की जाए, ताकि दुर्घटना एवं अन्य आकस्मिक मृत्यु के मामलों में मृतकों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि यह मांग किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि बांगरमऊ क्षेत्र की जनता की सुविधा और जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार द्वारा इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_img

पॉपुलर

और देखे
और देखे

सर्वोदय नगर में शिफ्टिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज

         (रईस खान) गोरेगांव पूर्व, वेस्टर्न एक्सप्रेस...

भूकंपरोधी और सुरक्षित भवन निर्माण पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में सेमिनार

लखनऊ, 28 सितंबर 2026। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के फैकल्टी...

लोकतंत्र की बुनियाद पर बहस_आखिर SIR को लेकर इतना बड़ा विवाद क्यों?

मतदाता सूची में बदलाव, 13 करोड़ नामों का सवाल,...