सड़क और मजबूत ढांचे पर देश-विदेश के विशेषज्ञों की चर्चा
लखनऊ। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में “बेहतर और मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए ट्रांसपोर्टेशन जियोटेक्निक्स और टिकाऊ निर्माण सामग्री” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन टीजी-स्मार्ट 2026 शुरू हुआ। यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 8 से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन में भारत के साथ जापान और इंडोनेशिया सहित कई देशों के शिक्षक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। सम्मेलन में सड़क, पुल और दूसरे परिवहन ढांचे को ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के नए तरीकों पर चर्चा की जा रही है।
विश्वविद्यालय के चांसलर और सम्मेलन के मुख्य संरक्षक प्रो. सैयद वसीम अख्तर ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्राकृतिक और तकनीकी संसाधनों का सही और टिकाऊ इस्तेमाल भी जरूरी है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के पूर्व चांसलर मौलाना सईदुर्रहमान आजमी के निधन पर दुख जताया और विश्वविद्यालय के लिए उनकी सेवाओं को याद किया।
मुख्य अतिथि प्रो. प्रदीप कुमार रामान चारला, निदेशक, सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की ने कहा कि किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में अच्छी सड़कें और मजबूत परिवहन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सड़क और दूसरे ढांचों के निर्माण में नई तकनीक, शोध और मजबूत योजना को जरूरी बताया।
विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. सैयद नदीम अख्तर ने सुरक्षित, जिम्मेदार और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि अशोक कुमार द्विवेदी, इंजीनियर-इन-चीफ (डेवलपमेंट) और उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख ने सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने आरएपी, सीजीबीएम और माइक्रोसर्फेसिंग जैसी नई और टिकाऊ तकनीकों के फायदे भी बताए।
जापान की होक्काइडो यूनिवर्सिटी के प्रो. तात्सुया इशिकावा और इंडोनेशिया की यूनिवर्सिटी ऑफ बेंगकुलु के प्रो. लिंडोंग जाल्बुइन मासे ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सड़क निर्माण और मजबूत बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई तकनीकों तथा अलग-अलग देशों के बीच शोध सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख और सम्मेलन के संयोजक प्रो. सैयद अकील अहमद ने अतिथियों का स्वागत किया और सम्मेलन के उद्देश्य की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की एडिशनल प्रो-चांसलर डॉ. नदा फातिमा, वाइस चांसलर प्रो. फरकान कमर, रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी और इंजीनियरिंग संकाय के डीन प्रो. सुनील कुमार सहित कई शिक्षक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इस मौके पर टीजी-स्मार्ट 2026 की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही टीजी-स्मार्ट एक्सपो का उद्घाटन भी हुआ। इसमें सड़क, परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई तकनीकों और उपकरणों को प्रदर्शित किया गया।
सम्मेलन में जमीन को मजबूत करने, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, सुरंग निर्माण, नींव, ढलान, सड़क निर्माण और टिकाऊ सड़क तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार और शोध प्रस्तुत कर रहे हैं।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर अनुभव और नई तकनीकों को साझा करना है, ताकि भविष्य के लिए मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकने वाला परिवहन बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

