मुंब्रा में आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद इम्तियाज़ जलील ने पार्टी की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में वायरल हुए “मुंब्रा को ग्रीन बनाने” वाले बयान पर मचे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी और विपक्ष पर जानबूझकर बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।
इम्तियाज़ जलील ने साफ कहा कि “ग्रीन” से उनका और पार्टी का मतलब सिर्फ मजलिस के झंडे के रंग से है, न कि किसी मजहब या समुदाय से। उन्होंने कहा कि जैसे दूसरी पार्टियाँ अपने झंडे के रंग पर गर्व करती हैं, वैसे ही मजलिस भी अपने पार्टी कलर को पहचान मानती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई “केसरी” की बात करे तो उसे राष्ट्रवाद कहा जाता है, लेकिन “ग्रीन” बोलते ही उसे सांप्रदायिक क्यों बना दिया जाता है।
कॉरपोरेटर सहर शेख ने भी इस मौके पर कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था, बल्कि मुंब्रा में पार्टी को मजबूत करने और विकास का संदेश देना था। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से फैलाया गया, जिससे माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। सहर शेख ने यह भी दोहराया कि वे संविधान और तिरंगे का सम्मान करती हैं और मुंब्रा को तरक्की की राह पर ले जाना चाहती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जलील ने बीजेपी और खासकर किरीट सोमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि मजलिस की बढ़ती ताकत से घबराकर ऐसे मुद्दों को तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकल चुनावों में मजलिस की जीत यह दिखाती है कि लोग अब मजहब की नहीं, काम की राजनीति चाहते हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, न कि किसी एक पार्टी को निशाना बनाने का ज़रिया।
अंत में इम्तियाज़ जलील ने कहा कि मजलिस का मकसद मुंब्रा और महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। उन्होंने अपील की कि राजनीति को नफरत की बजाय विकास और इंसाफ के रास्ते पर चलाया जाए, क्योंकि हिंदुस्तान सबका है और इसमें हर नागरिक को बराबर हक मिलना चाहिए।
~क़ौमी फरमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

