(निहाल सगीर)
लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट बहुत अहम होता है। लेकिन कई बार जानकारी की कमी या जरूरी दस्तावेज़ पूरे न होने की वजह से लोगों का नाम मतदाता सूची से हट जाता है और वे मतदान के अधिकार से वंचित हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र में जल्द शुरू होने वाली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
बताया जा रहा है कि अप्रैल 2026 से महाराष्ट्र में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। अन्य राज्यों के अनुभव बताते हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। इससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
इसी पृष्ठभूमि में जमाअत इस्लामी हिंद महाराष्ट्र ने पूरे राज्य में एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया है। यह अभियान 1 मई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य लोगों को एसआईआर के बारे में सही जानकारी देना और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराना है।
बैठकों के जरिए जागरूकता
इस अभियान के तहत संगठन के जिम्मेदार लोग राज्य के विभिन्न जिलों और शहरों में बैठकें आयोजित करेंगे। मुल्की व मिल्ली उमूर के सेक्रेटरी अब्दुल मजीब शेख के अनुसार इन बैठकों में एसआईआर क्या है, यह क्यों जरूरी है और इस दौरान आम लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इन सभी विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी।
पूरे महाराष्ट्र को छह क्षेत्रों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में जिम्मेदार लोग अपने-अपने जिलों और शहरों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंच सके।
हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन की सुविधा
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन की व्यवस्था भी है। इसके माध्यम से लोगों को वोटर लिस्ट से जुड़ी जानकारी दी जाएगी और जरूरी दस्तावेज़ों के बारे में मार्गदर्शन किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले ऑफलाइन हेल्प डेस्क में लोगों को दस्तावेज़ तैयार करने, फॉर्म भरने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में मदद दी जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।
स्थानीय युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग
अभियान को सफल बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय कार्यकर्ताओं और युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ये लोग अपने इलाकों में जाकर लोगों को एसआईआर के बारे में समझाएंगे और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद भी करेंगे। खास तौर पर आईटी क्षेत्र से जुड़े युवाओं से भी सहयोग लेने की योजना है।
मस्जिदों और मीडिया के जरिए संदेश
जमाअत इस्लामी हिंद महाराष्ट्र के अमीर मौलाना इलियास खान फलाही ने कहा कि इस अभियान को व्यापक बनाने के लिए धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक मंचों का भी उपयोग किया जाएगा। मस्जिदों में घोषणाएं, जुमे और ईद के खुत्बे, विद्वानों के वीडियो संदेश और विभिन्न बैठकों के जरिए लोगों तक यह जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा शॉर्ट वीडियो, छोटी फिल्में और नुक्कड़ नाटक जैसे रचनात्मक माध्यमों से भी जनता को जागरूक करने की योजना है।
कानूनी मार्गदर्शन भी मिलेगा
अभियान के दौरान वकीलों और कानूनी विशेषज्ञों से भी सहयोग लिया जाएगा ताकि लोगों को सही कानूनी जानकारी मिल सके। जरूरत पड़ने पर इलेक्शन कमीशन से संपर्क कर नागरिकों की समस्याओं को सामने रखने की भी योजना है।
- जागरूक नागरिक, मजबूत लोकतंत्र
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक समय रहते अपने दस्तावेज़ और मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी ठीक कर लेते हैं, तो भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है। जमाअत इस्लामी हिंद महाराष्ट्र का यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इसका मकसद है कि हर नागरिक अपने वोट के अधिकार के प्रति जागरूक हो और लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभा सके।

