नई दिल्ली, 16 जून 2026:जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में हुई हत्या की घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति की हत्या गंभीर अपराध है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मौलाना मदनी ने मृतक विनोद कश्यप के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि पूरे समाज को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ असामाजिक और सांप्रदायिक तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की।
जमीयत उलेमा देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद कुछ मुस्लिम परिवारों के घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ मस्जिदों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। डर के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
मौलाना मदनी ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भेजकर मांग की है कि:
हत्या की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
असली दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
सांप्रदायिक हिंसा और नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।
नुकसान उठाने वाले परिवारों और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
आगजनी, तोड़फोड़ और धार्मिक स्थलों पर हमलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी आरोपी के घर पर कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना बुलडोजर कार्रवाई करना संविधान और कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। भारत में सजा देने का अधिकार अदालतों को है, न कि भीड़ या जनदबाव को।
इससे पहले देहरादून जिला जमीयत का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में मौलाना मदनी से मिला और उन्हें क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट सौंपी। मौलाना मदनी ने संगठन के पदाधिकारियों को शांति और सद्भाव बनाए रखने तथा प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे और सभी नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

