(रईस खान)
आज के दौर में सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसी तालीम हासिल करना जरूरी है जो सीधे रोजगार और बेहतर करियर से जोड़े। लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर पढ़ाई के साथ सही ट्रेनिंग और हुनर भी दिया जाए तो छात्र देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के पांच छात्रों का चयन दुबई की प्रतिष्ठित कंपनी बायको इंसुलेशन कांट्रैक्टिंग में हुआ है। इन सभी छात्रों को 12 लाख रुपये सालाना पैकेज के साथ कंपनी की ओर से रहने की सुविधा भी दी जाएगी। यह सफलता सिर्फ इन छात्रों की नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग से हनन अंसारी, मुहम्मद आरिज़ सिद्दीकी और आरिश परवेज का चयन हुआ है। वहीं आर्किटेक्चर विभाग से नशरा अली और मोहम्मद आकिब खान ने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह शानदार मुकाम हासिल किया है।
आज खाड़ी देशों में कुशल इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय छात्रों का इस तरह की अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में चयन इस बात का संकेत है कि अगर तालीम आधुनिक जरूरतों के मुताबिक हो तो दुनिया भर में रोजगार के दरवाजे खुल सकते हैं।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट सेल लगातार उद्योगों के साथ मिलकर छात्रों को इंडस्ट्री ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप और कॉर्पोरेट इंटरैक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। यही वजह है कि यहां पढ़ने वाले छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करते हैं।
यह कामयाबी खास तौर पर मुस्लिम समाज और दूसरे युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि आज का दौर केवल डिग्री का नहीं, बल्कि हुनर, तकनीकी जानकारी और पेशेवर तैयारी का है। जो छात्र समय के साथ खुद को तैयार करेंगे, उनके लिए देश और विदेश दोनों जगह बेहतर अवसर मौजूद हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी चयनित छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो दुनिया के किसी भी हिस्से में अपनी योग्यता का लोहा मनवा सकें।
यह सफलता बताती है कि तालीम पर किया गया निवेश कभी बेकार नहीं जाता। जब विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा, उद्योगों से जुड़ाव और रोजगार परक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देते हैं, तो उसके नतीजे ऐसे ही सुनहरे रूप में सामने आते हैं। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के इन पांच छात्रों की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षा के साथ दुनिया की कोई मंजिल दूर नहीं।

