कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी, कांग्रेस ने एक बयान दिया है, जिस पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
मंत्री रायरेड्डी येलबुर्गा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। 30 अगस्त 2026 को कोप्पल जिले के कुकनूर में मुस्लिम समुदाय के एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा,
“इस्लाम सभी धर्मों से बेहतर है।
उन्होंने इस्लाम को वैज्ञानिक, अनुशासित और सबसे मानवीय धर्म बताया। उन्होंने कहा कि समाज में इस धर्म के बारे में गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। कुरान सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं, बल्कि सबके लिए है और कोई भी इसे पढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हज पर जाना चाहते हैं, लेकिन गैर-मुस्लिम होने की वजह से नहीं जा सकते क्योंकि इसके लिए इस्लाम कबूल करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे मंदिर या मठ में ज्यादा नहीं जाते।
बीजेपी का विरोध
इस बयान के बाद भाजपा ने तीखा विरोध जताया। विपक्ष के नेता आर. अशोका ने मंत्री से माफी मांगने और बयान वापस लेने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मंत्री को कैबिनेट से निकालने की भी बात कही। भाजपा का आरोप है कि यह बयान सनातन धर्म का अपमान है और कांग्रेस की तुष्टिकरण राजनीति है।
मंत्री का स्पष्टीकरण
अगले दिन मंत्री रायरेड्डी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी दूसरे धर्म को कमतर नहीं बताया। उन्होंने सिर्फ इस्लाम की अच्छी बातों का जिक्र किया था। “सभी धर्म महान हैं। कोई धर्म बुरा नहीं है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं,” उन्होंने कहा।
यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। दोनों पार्टियां अपने-अपने रुख पर अड़ी हुई हैं।
-क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

