2 सितंबर 2026 को दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में एक अहम सियासी घटना घटी। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी छोड़कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया।
इस मौके पर कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी मौजूद थे। आसिम वकार ने पार्टी जॉइन करते हुए जो बात कही, उसने सियासी हलकों में खलबली मचा दी।
आसिम वकार ने क्या कहा?
आसिम वकार ने साफ अल्फाज में कहा, “AIMIM जबान से तो कहती है कि भाजपा को हटाना है, लेकिन जमीन पर भाजपा से लड़ाई शून्य है। असल में लड़ाई उन पार्टियों से हो रही है जो भाजपा के खिलाफ हैं, कांग्रेस से, सपा से और हर उस ताकत से जो भाजपा को सत्ता से बाहर करना चाहती है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर हम भाजपा के दुश्मनों से लड़ेंगे तो इसका मतलब है कि हम भाजपा की मदद कर रहे हैं। देश से मुहब्बत रखने वाले हर इंसान का मकसद भाजपा की सरकार को हटाकर सेक्युलर और जनता की सरकार लाना होना चाहिए। इस लड़ाई में असल में कांग्रेस और राहुल गांधी मैदान में खड़े हैं।
कौन हैं आसिम वकार?
लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले आसिम वकार पढ़े-लिखे, काबिल और बहस के तेवर वाले नेता माने जाते हैं। वे करीब 10 साल AIMIM में रहे और उससे पहले लगभग 20 साल समाजवादी पार्टी में सक्रिय रहे। टीवी डिबेट्स में उनकी बातें अक्सर चर्चा में रहती थीं।
सियासी मायने
यह फैसला यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आया है। ओवैसी की AIMIM यूपी में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थी। ऐसे में उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता का पार्टी छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए यह एक अहम उपलब्धि है। पार्टी को यूपी के मुस्लिम वोटर्स के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिला है।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

