मुंबई। मलाड स्थित इनऑर्बिट मॉल में नमाज और प्रार्थना के लिए बनाए गए कमरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर इस कमरे का वीडियो वायरल होने के बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने इसका विरोध किया और इसे हटाने की मांग की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2026 को मॉल में इस कमरे को हटाने की कार्रवाई की गई।
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें हिजाब पहने दो मुस्लिम लड़कियां मॉल में बने नमाज कक्ष को दिखाती नजर आईं। वीडियो में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग जगह तथा वुजू की सुविधा होने की बात बताई गई थी। वुजू नमाज से पहले हाथ-पैर धोने की धार्मिक प्रक्रिया है।
वीडियो सामने आने के बाद सकल हिंदू समाज ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। संगठन की ओर से सवाल उठाया गया कि एक व्यावसायिक मॉल में किसी खास धर्म के लिए नमाज की अलग व्यवस्था क्यों की गई है। इसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर नमाज कक्ष हटाने की मांग की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद मॉल प्रबंधन ने नमाज कक्ष को हटाने का फैसला किया। 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में उस जगह पर तोड़फोड़ और मलबा दिखाई देने का दावा किया गया, जहां यह कमरा बना था।
इस घटनाक्रम के बाद सार्वजनिक और व्यावसायिक परिसरों में धार्मिक जरूरतों के लिए अलग जगह उपलब्ध कराने को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, मॉल प्रबंधन के फैसले के पीछे की पूरी वजह और कार्रवाई से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मॉल प्रशासन और पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आए बिना इस मामले में किसी खास वजह को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

