(रईस खान)
ईरान की ओर से जारी एक तीखे बयान में कहा गया है कि “कायरतापूर्ण ज़ियोनिस्ट दुश्मन” ने प्रतिरोध के महान नायक सैयद अली लारीजानी की हत्या कर दी। ईरान के मुताबिक, यह हमला दुश्मन की हताशा दिखाता है, क्योंकि वह मिसाइलों के तूफान का मुकाबला नहीं कर सका। बयान में लिखा है, “आज हम शोक मनाते हैं, लेकिन यह शोक बदले की आग को भड़काएगा। लारीजानी की कीमत पूरी तरह चुकाई जाएगी। हमारा जवाब बिजली की तरह होगा जो दुश्मन की जड़ें जला देगा। अल्लाहु अकबर! जीत हमारी है!”
इजराइल का दावा और हमले का तरीका
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ और आईडीएफ ने पुष्टि की कि लारीजानी, जो ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी और खामेनाई के बाद देश के डी-फैक्टो लीडर माने जाते थे, को कल रात तेहरान में एक सटीक हवाई हमले में मार दिया गया। साथ ही बसीज कमांडर ग़ुलामरेज़ा सुलैमानी, उनके डिप्टी और लारीजानी के बेटे व डिप्टी को भी मारा गया।
ट्रैप कैसे किया?
इजराइल की खुफिया एजेंसी ने लारीजानी की हर गतिविधि पर नज़र रखी। वे तेहरान में एक मीटिंग में थे, जहां उनका बेटा भी मौजूद था। इजराइल को पहले से उनकी लोकेशन की सटीक जानकारी थी। रात में आईडीएफ के फाइटर जेट्स ने सटीक मिसाइलें दागीं।
यह खुफिया जानकारी पर आधारित हवाई हमला था। इजराइल का कहना है कि ईरान की लीडरशिप में उनकी जासूसी इतनी गहरी है कि टॉप लीडर्स भी अब सुरक्षित नहीं रह सकते। हमला एक दिन पहले प्लान किया गया था।
इस युद्ध में ईरान के अब तक कितने अहम लोग मारे गए?
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल के हमलों से शुरू हुआ। शुरुआती हमलों में ही करीब 40 से 48 टॉप लीडर्स मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद कहा , “48 ईरानी लीडर्स मारे गए”।
अब तक प्रमुख शहीद की गईं शख्सियत
आयतुल्लाह अली खामेनाई (सुप्रीम लीडर)
अली शमखानी (डिफेंस काउंसिल सेक्रेटरी)
मोहम्मद पाकपूर (आईआरजीसी कमांडर)
अज़ीज़ नसीरजादेह (डिफेंस मिनिस्टर)
अब्दुलरहीम मुसावी (आर्म्ड फोर्सेज चीफ ऑफ स्टाफ)
मोहम्मद शिराज़ी (सुप्रीम लीडर का मिलिट्री ब्यूरो चीफ)
और कई अन्य जनरल्स, इंटेलिजेंस अधिकारी।
ईरान का रुख
ईरान ने लारीजानी को “प्रतिरोध का नायक” बताया और कहा कि उनका खून बेकार नहीं जाएगा। पूरा देश बदले की आग में जल रहा है। इजराइल का कहना है कि हमले जारी रहेंगे।
यह युद्ध तेजी से बढ़ रहा है। दोनों तरफ से बड़े-बड़े दावे हो रहे हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान की ओर से जवाबी हमले की आशंका जताई जा रही है।

